- हर साल पूर्व सज्जादानशीन हाजी भंवर गुलजार अली शाह की याद में होता है उर्स
कोंच। सूफी परंपरा और हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रतीक दरगाह आस्ताना-ए-कलंदरिया के सालाना तीन रोजा अजीमुश्शान उर्स-ए-कलंदरी का 85वां आयोजन इस्लामी तारीख 27, 28, 29 मोहर्रम को आगामी 24 से 26 जुलाई तक आयोजित होने जा रहा है। दरगाह के सज्जादानशीन मियां हाजी आरिफ अली शाह की कयादत व सदारत में जोश खरोश के साथ मनाया जाएगा। हर साल यह उर्स पूर्व सज्जादानशीन हाजी भंवर गुलजार अली शाह की याद में संजोया जाता है। नाजिमे उर्स हाफिज अताउल्ला खां गौरी ने बताया कि उर्स के पहले दिन 24 जुलाई गुरुवार को बाद नमाजे जौहर दिन में 3 बजे चादर शरीफ गश्त अपने कदीमी रिवायत के मुताबिक नगर में निकाला जाएगा। बाद नमाज मगरिब गुलपोशी एवं चादर पोशी, बाद नमाज इशां रात 9 बजे जलसा शोहदाये कर्बला, जिक्रे औलिया इकराम व नातिया मुशायरा मुनअकिद किया जाएगा जिसमें मुकर्ररे खुसूसी हजरत अल्लामा मौलाना बिलाल अहमद आफाकी किब्ला फर्रूखाबाद, महमाने खुसूसी शायरे इस्लाम हजरत कारी शाहिद रजा जौनपुरी खिताब फरमाएंगे। निजामत हजरत कारी आरिफ रहमानी औरैया व जलसे का आगाज तिलावते कलाम पाक से हाफिजो कारी मोहम्मद असलम रजा व नाते रसूल सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम से कारी अजमत अली कादरी करेंगे। जेरे हिमायत हाफिज मोहम्मद साबिर बरकाती, खुसूसी निगरां शहर काजी बशीरउद्दीन, हाफिज मारूफ अहमद कादरी, इमाम हजरात, शोराये इकराम व नात ख्वां हजरात आदि प्रोग्राम को रौनक बख्शेंगे। उर्स के दूसरे दिन 25 जुलाई शुक्रवार को बाद नमाज इशां रात 9 बजे से महफिले कव्वाली का प्रोग्राम सुबह 4 बजे तक होगा जिसमें कव्वाल सलमान अजमेरी ग्वालियर, अनस चिश्ती फिरोजाबाद व अख्तर निजामी कोंच अपने अपने कलाम पेश करेंगे। उर्स के तीसरे व आखिरी दिन 26 जुलाई शनिवार को बाद नमाज फजर कुरान ख्वानी, नात ख्वानी, कुल शरीफ की फातिहा सुबह 10 बजे व बाद नमाज जोहर 2 बजे से कव्वाली प्रोग्राम के बाद शाम 6 बजे उर्स का समापन किया जाएगा। मुख्तियार सैफ उल्ला खां वटीं, महमूद बम्फुल मंसूरी, अला मोहम्मद राईन, पप्पू ताले वाले, गुड्डू हलवाई, अमन अली आदि उर्स की तैयारियों में जोर शोर से लगे हुए हैं।
