- प्रधान व सचिव पर ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप
- रास्ता न बनने से ग्रामीणों को हो रही परेशानी
- डब्लू बी एम से बनी 6.50 लाख की सकड़ एक वर्ष में उखड़ी
माधौगढ़ जालौन। विकास खंड माधौगढ़ की ग्राम पंचायत मींगनी के ग्रामीणों का दर्द प्रधान और सचिव को नहीं दिखाई दे रहा है। उनकी उदासीनता से ग्रामीण नारकीय जीवन जीने को मजबूर है। टूटी सड़के और गंदगी इस गांव की पहचान बन गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधान के कार्यकाल को 4 वर्ष से अधिक का समय हो गया लेकिन अबतक उन्हें मिन्नत, गुजारिश और शिकायतों के बाद भी महज मायूशी ही हाथ लगी है। सड़क बनवाने की मांग करते करते ग्रामीण थक गए लेकिन प्रधान के कानो में जू तक नहीं रेगी। राजेंद्र कुशवाहा, अर्जुन सिंह, अखिलेश कुमार, गुड़िया, कुँअर देवी, माया देवी, प्रेमलता, राजकुमारी, अभिलाषा राजू शाक्यवार, बब्लू, विनोद, शैलेन्द्र परिहार, जीतू प्रजापति आदि ने बताया कि गांव में नाली, रास्ते व गंदगी देकर प्रधान के सौतेले व्यवहार का एहसास होता है क्योंकि प्रधान का 4 वर्ष से अधिक का कार्यकाल बीत गया न जाने रास्ते को बनबाने को लेकर कितनी गुजारिश की लेकिन रास्ता नही बन पाया जबकि प्राइमरी विद्यालय से गौड़ बाबा तक ग्रामीणों इसी मार्ग से होकर गुजरना होता है लेकिन हम ग्रामीणों की बात को हर बर अनसुना कर दिया गया। खेत खलियान व नौनिहालों का विद्यालय जाना इसी रास्ते से होकर जाना होता है लेकिन जिम्मेदार रास्ता विवादित बताकर नही बनाते तो वहीं अधिक गंदगी होने से बरसात में जीव जन्तु के काटने का खतरा बना रहता है। जबकि ग्रामीणों ने प्रधान पर डब्लू बी एम सड़क पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि 6.50 लाख से अधिक की निर्मित सकड़ 1 वर्ष के भीतर ही खत्म हो गयी। सड़क निर्माण में स्टीमेट, गिट्टी , लाल बालू , डस्ट की हैबी रोड रोलर से रुदाई होनी थी लेकिन संबंधित जिम्मेदार द्वारा महज डस्ट डालकर ही सड़क का निर्माण कर दिया गया जिस कारण ग्रामीणों के सुख सुबिधाओं के लिए बनाई गयी सड़क चंद समय में ही जबाव दे गयी।
क्या बोली महिलाएं
गुड़िया, माया देवी साक्षी आदि ने बताया विद्यालय पर बच्चों को भेजनें में परेशानी होती है क्योंकि न रास्ता है न ही साफ सफाई कई बार प्रधान से कहा पर कोई असर नहीं हुआ।
प्रधान की उदासीनता से नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं मांगनी के ग्रामीण
