- दोनों पर 25-25 हजार का इनाम घोषित किया था पुलिस कप्तान ने
- अपने ही नजदीकी जितेंद्र की हत्या में आरोपी हैं दोनों
- पूर्व विधायक बेटे व नाती सहित चार पहले ही जा चुके हैं जेल
कोंच। अपने ही नजदीकी जितेंद्र अहिरवार की हत्या के आरोप में फरार चल रहे पूर्व कांग्रेसी विधायक रामप्रसाद अहिरवार को एसओजी और कोतवाली पुलिस की टीम ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। उधर, मामले के एक अन्य आरोपी अमित वाल्मीकि ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। इस लोमहर्षक हत्याकांड में चार आरोपी पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं। जितेंद्र अहिरवार निवासी घमूरी की हत्या के मामले में फरार चल रहे पूर्व कांग्रेसी विधायक रामप्रसाद अहिरवार को एसओजी और कोतवाली पुलिस की टीम ने सोमवार को जालौन रोड स्थित रामप्रसाद फिलिंग स्टेशन से मुखबिर की सटीक सूचना पर गिरफ्तार कर लिया। घटना के बाद से वह लगातार फरार चल रहे थे। रामप्रसाद और घटना में शामिल उनके सहयोगी अमित वाल्मीकि पर पिछले दिनों जिले के पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने 25-25 हजार रुपए का इनाम भी घोषित कर दिया था। उधर, हत्याकांड के एक और इनामी अभियुक्त अमित ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया है। कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक अजीत सिंह ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि अमित ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। बताना समीचीन होगा कि 9 अगस्त की शाम हुई हत्या की वारदात की रिपोर्ट मृतक जितेंद्र अहिरवार के बेटे नितिन निवासी घमूरी ने 10 अगस्त को कोतवाली में दर्ज कराई थी जिसमें पूर्व कांग्रेसी विधायक रामप्रसाद अहिरवार, उनके बेटे पूर्व बसपा विधायक अजय सिंह पंकज और अजय के दो बेटों अमन व राजा के अलावा अमित नामक व्यक्ति के साथ ही एक अज्ञात व्यक्ति के शामिल होने की बात बताई गई थी। जिले के पुलिस कप्तान डॉ. दुर्गेश कुमार ने मामले का खुलासा करने के लिए एसओजी, सर्विलांस और कोतवाली पुलिस की टीमें गठित की थी। ये टीमें लगातर काम कर रही थीं और पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। 14 अगस्त को पूर्व विधायक अजय और उनके बेटे अमन तथा 16 अगस्त को पुलिस ने मुखबिर की सटीक सूचना पर दो और अभियुक्तों सलीम पुत्र मुनीर निवासी जवाहर नगर कोंच तथा गोविंद पुत्र ब्रजबिहारी निवासी गांधी नगर कोंच को तिलक नगर स्थित पुष्पा गार्डन के पास से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। हालांकि कोतवाली में दर्ज एफआईआर में इन सलीम और गोविंद के नाम नहीं थे लेकिन पुलिस इंवेस्टिगेशन में इनकी भी भूमिका उक्त हत्याकांड में रोशनी में आई थी। गौरतलब है कि कार सवार कुछ लोग 9 अगस्त शनिवार की देर शाम तहसील के ग्राम घमूरी के रहने वाले जितेंद्र कुमार अहिरवार का शव सीएचसी कोंच में छोड़कर भाग गए थे। इस मामले में मृतक के बेटे नितिन कुमार ने 10 अगस्त की रात कोतवाली पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर दो पूर्व विधायकों जो आपस में पिता-पुत्र हैं, के अलावा परिवार के दो और सदस्यों व अन्य के खिलाफ हत्या की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
