जालौन से ब्रजेश उदैनियाँ की रिपोर्ट
जालौन। नगर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या से आमजन का जीवन दूभर हो गया है। गली-मोहल्लों, मुख्य सड़कों, बाजारों और स्कूलों के आसपास झुंड में घूम रहे आवारा कुत्ते आए दिन लोगों पर हमला कर रहे हैं, जिससे नगरवासियों में भय का माहौल बना हुआ है। इसके बावजूद नगर पालिका द्वारा कुत्तों को पकड़ने अथवा उनके नियंत्रण के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। अशफाक राइन ने जिलाधिकारी को भेजा शिकायती पत्र। जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय को एक शिकायती पत्र भेजते हुये उन्होने बताया कि कुत्तो के आतंक से सुबह-शाम टहलने निकलना, बच्चों का स्कूल जाना और बुजुर्गों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। कई मोहल्लों में आवारा कुत्तों द्वारा लोगों को काटे जाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन नगर पालिका प्रशासन इस समस्या को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहा है। आरोप है कि कई बार नगर पालिका में शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन सिर्फ आश्वासन के अलावा कोई कार्रवाई नहीं हुई। न तो कुत्तों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जा रहा है और न ही टीकाकरण की कोई व्यवस्था दिखाई दे रही है।
वहीं अभिभावकों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है।
इस संबंध में जब नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों से बात करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने जल्द ही समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। जिला प्रशासन से मांग की है कि आवारा कुत्तों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल पकड़ने की प्रभावी व्यवस्था कराई जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।