कुठौंद, जालौन। विकासखंड कुठौंद की हाजीपुर ग्राम पंचायत में ग्राम विकास अधिकारी द्वारा विकास कार्य न कराए जाने का मामला सामने आया है। ग्राम प्रधान ने इस संबंध में जिला विकास अधिकारी (डी.डी.ओ.) को लिखित शिकायत देकर जांच की मांग की है।
शिकायत के अनुसार वित्तीय वर्ष 2024–25 में शासन द्वारा ग्राम पंचायत हाजीपुर के विकास हेतु लगभग 14 लाख 85 हजार 382 रुपये की ग्राम निधि स्वीकृत की गई थी। इसके अतिरिक्त 23 दिसंबर 2025 को 6 लाख 96 हजार 370 रुपये तथा वर्ष 2024 में 7 लाख 89 हजार 12 रुपये की धनराशि प्राप्त हुई। आरोप है कि इतनी धनराशि प्राप्त होने के बावजूद ग्राम विकास अधिकारी जयसिंह यादव द्वारा कोई उल्लेखनीय विकास कार्य नहीं कराया गया। ग्राम प्रधान का कहना है कि बार-बार अनुरोध के बाद भी सचिव ने सहयोग नहीं किया। कुछ कार्य जैसे इंटरलॉकिंग, हैंडपंप रीबोर, गौपालक मानदेय, शौचालय के केयरटेकर का मानदेय, प्रधान एवं पंचायत सहायक का मानदेय लंबित पड़े हैं और उनका भुगतान नहीं किया गया है। प्रधान ने यह भी आरोप लगाया कि ग्राम विकास अधिकारी कई ग्राम पंचायतों का कार्य देखते हैं और आधे-अधूरे रूप से काम कराते हैं। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि गौशाला का रजिस्टर सचिव अपने पास रखते हैं और मनमर्जी से मांग एवं भुगतान की प्रक्रिया संचालित करते हैं। प्रधान का आरोप है कि सचिव न तो गांव में नियमित रूप से आते हैं और न ही पंचायत संबंधी मामलों में प्रधान से संवाद करते हैं। शिकायत के पांच दिन बाद भी कोई ठोस कार्रवाई न होने से ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्राम प्रधान ने निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है, ताकि शासन की विकास योजनाओं का लाभ ग्रामीणों को मिल सके।