– रामपुरा रोड से सिहारी-ऊमरी तक अतिक्रमण का जाल, हादसों का खतरा; प्रशासन मौन
माधौगढ़। कस्बे की प्रमुख सड़कों पर इन दिनों रेत के ऊँचे-ऊँचे ढेर आमजन के लिए मुसीबत बन गए हैं। बिल्डिंग मटेरियल की दुकानों ने सड़क किनारे ही नहीं, बल्कि कई जगहों पर आधी सड़क तक रेत फैलाकर अतिक्रमण कर रखा है। हालात ऐसे हैं कि वाहनों की आवाजाही तो प्रभावित है ही, पैदल चलना भी जोखिम भरा हो गया है।
रामपुरा रोड, सिहारी रोड और ऊमरी रोड पर यह समस्या सबसे अधिक विकराल रूप में दिखाई दे रही है। खासतौर पर रामपुरा रोड पर उपजिलाधिकारी आवास के समीप लगे रेत के विशाल ढेर प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल खड़े कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब अधिकारियों के आवास के पास ही नियमों की धज्जियाँ उड़ रही हैं तो बाकी इलाकों का अंदाजा सहज लगाया जा सकता है।
रेत की ट्रैक्टरों में लोडिंग के दौरान मुख्य मार्ग पूरी तरह जाम हो जाता है। भारी ट्रकों से रेत खाली करते समय सड़क संकरी पड़ जाती है और राहगीरों को किनारे खड़े होकर इंतजार करना पड़ता है। कई बार बाइक सवार फिसलकर गिर चुके हैं। धूल और रेत उड़ने से आसपास के दुकानदारों और घरों में रहने वालों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। स्थानीय नागरिकों के अनुसार पूर्व में भी कई छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं, जिनमें लोगों को गंभीर चोटें आईं और जान तक चली गई, फिर भी जिम्मेदार विभाग चेतने को तैयार नहीं दिख रहा। पूर्व उपजिलाधिकारी सुरेश पाल ने अपने कार्यकाल में बिल्डिंग मटेरियल विक्रेताओं को नोटिस जारी कर सख्ती दिखाई थी। उस दौरान अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से कुछ हद तक राहत मिली थी। लेकिन उनके स्थानांतरण के बाद मामला फिर ठंडे बस्ते में चला गया। परिणामस्वरूप अब रेत के ढेर पहले से अधिक बढ़ गए हैं और सड़कों की चौड़ाई लगातार घटती जा रही है।