खण्ड विकास अधिकारी के खाश कम्प्यूटर आपरेटर के कमीशन मांगनें के चलते हुआ विवाद

ग्राम रोजगार सेवक पर कम्प्यूटर आपरेटर द्वारा किया गया घायल

दैनिक भास्कर कदौरा। ब्लाक कार्यालय के मनरेगा पटल पर भ्रष्टाचार के खेल और कमीशनखोरी के विवाद में कंप्यूटर ऑपरेटर ने एक ग्राम रोजगार सेवक पर खूनी हमला कर दिया। ऑपरेटर ने रोजगार सेवक के सिर पर कुर्सी और कंप्यूटर मॉनिटर व प्रिंटर से ताबड़तोड हमला कर दिया, जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा। घटना के दौरान ब्लॉक परिसर में अफरा-तफरी मच गई। हैरानी की बात यह रही कि मौके पर मौजूद खंड विकास अधिकारी मामले को शांत कराने के बजाय केबिन छोड़कर गाड़ी मे बैठकर खिसक लिए। पुलिस ने दोनों पक्षों का मेडिकल कराकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
मामला विकास खंड कदौरा के मनरेगा पटल का है। ग्राम पंचायत कानाखेड़ा के रोजगार सेवक ब्रजेन्द्र कुमार का आरोप है कि वह युक्त धारा के तहत  आईडी पीओ लॉगिन से फॉरवर्ड कराने के लिए पिछले दो सप्ताह से ब्लॉक कार्यालय के चक्कर काट रहे थे। बीडीओ संदीप मिश्रा उन्हें कंप्यूटर ऑपरेटर जागेश कुमार के पास और ऑपरेटर उन्हें बीडीओ के पास भेजकर लगातार टरका रहे थे। आरोप है कि इस काम के बदले रोजगार सेवक से सुविधा शुल्क की मांग की जा रही थी। सोमवार दोपहर भीषण गर्मी में रोजगार सेवक ब्रजेन्द्र कुमार ब्लॉक कार्यालय पहुंचे और कंप्यूटर ऑपरेटर जागेश कुमार से आईडी फॉरवर्ड करने का अनुरोध किया। इस बात पर ऑपरेटर अचानक भड़क गया और गाली-गलौज के साथ उसने स्वयं का तीन परसेंट कमीशन की मांग की और कमीशन मिलने के बाद ही आई डी फॉरवर्ड करने की बात कही वही रोजगार सेवक के विरोध करने पर ऑपरेटर जागेश ने कार्यालय में रखी भारी कुर्सी और कंप्यूटर मॉनिटर , प्रिंटर उठाकर ब्रजेन्द्र के सिर पर दे मारा वही हमले में ब्रजेन्द्र के सिर में गंभीर चोट आई और नाक व कान से खून बहने लगा, जिससे वह गश खाकर थोड़ा देर को जमीन पर गिर पड़े। अंदर हो रहे तेज शोर-शराबे और झगड़े को देखकर बीडीओ संदीप मिश्रा मौके पर पहुंचे, लेकिन स्थिति को संभालने के बजाय वह कार्यालय से रफूचक्कर हो गए वही मौके पर मौजूद अन्य कर्मचारियों ने डायल 112 को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र  पहुंचाया। थाना पुलिस ने दोनों पक्षों से प्रार्थना पत्र लेकर उन्हें मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेजा और जांच शुरू कर दी।
इनसेट:
ब्लॉक परिसर में चर्चा है कि ग्राम निधि से लेकर मनरेगा के कार्यों में भ्रष्टाचार चरम पर है और बिना तय कमीशन के कोई फाइल आगे नहीं सरकती। पीड़ित ब्रजेन्द्र ने बताया कि घटना की सच्चाई कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद है, जिसकी फुटेज देखी जानी चाहिए। वही इस विषय में बीडीओ संदीप मिश्रा ने लड़ाई को नजर अंदाज करते हुए सीसीटीवी कैमरे खराब होने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया। बीते कई वर्षों से ब्लॉक के मनरेगा पटल के कैमरे बंद होना प्रशासनिक पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े करता है। जबकि इससे पहले भी एन आर पी बाबू व ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि का इसी मनरेगा पटल पर झगड़ा हुआ था उसके बावजूद भी सी सी टी कैमरों को सही नहीं करवाया गया चर्चा यह भी है कि कहीं पटल पर लेन-देन के इस खेल को छुपाने के लिए ही तो जानबूझकर कैमरों को बंद नहीं रखा गया है। वही थाना प्रभारी परमेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि दोनों पक्षों की ओर से तहरीर मिली है। घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है, जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फोटो 11 व 12
फोटो परिचय- घायल रोजगार सेवक बृजेन्द्र पाल (काना खेड़ा), मनरेगा पटल में झगड़ा के बाद बिखरे पड़े प्रिंटर व मानिटर

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