
एड नेहा निरंजन जिला विधिक सचिव बनीं काउंसलर
जालौन। राष्ट्रीय महिला आयोग, भारत सरकार द्वारा भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन को राष्ट्रीय महिला आयोग के विवाह पूर्व परामर्श केंद्र “तेरे मेरे सपने” के संचालन हेतु अधिकृत किया गया है। भारत सरकार द्वारा निर्देशित यह प्रथम परामर्श केंद्र, जो पूर्व से ही “मैच माइंड” के तहत जालौन, उत्तर प्रदेश में संचालित किया जा रहा है, अब आधिकारिक रूप से अधिकृत कर दिया गया है।
राष्ट्रीय महिला आयोग, भारत सरकार द्वारा अधिकृत भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन द्वारा संचालित विवाह पूर्व परामर्श केंद्र की काउंसलर के रूप में एड नेहा निरंजन, जिला विधिक सचिव को नियुक्त किए जाने की सूचना मिलते ही शुभचिंतकों में खुशी की लहर दौड़ गई। उन्हें बधाई देने वालों का तांता लग गया। नगर के गणमान्य नागरिकों, सभ्रांतजनों एवं इष्ट मित्रों ने उन्हें शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
नवनियुक्त काउंसलर श्रीमती नेहा निरंजन ने जिला प्रमुख सीधे बोल दीपक गुप्ता से भेंट दौरान उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष के कुशल मार्गदर्शन, जिला प्रभारी एवं संपूर्ण जिला कार्यकारिणी की मेहनत व सराहनीय योगदान को दिया।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय महिला आयोग, भारत सरकार द्वारा भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन को “तेरे मेरे सपने” योजना के अंतर्गत विवाह पूर्व परामर्श केंद्र संचालन हेतु अधिकृत किया गया है, जो महिला सशक्तिकरण एवं सामाजिक जागरूकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने बताया कि तेरे मेरे सपने’ राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) द्वारा शुरू की गई एक अनूठी पहल (विवाह-पूर्व संवाद केंद्र) है। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को शादी से पहले मानसिक, भावनात्मक और व्यावहारिक रूप से तैयार करना है, ताकि वे अपने भावी जीवनसाथी को समझ सकें और एक सफल वैवाहिक जीवन की नींव रख सकें
और वर्तमान में दहेज उत्पीड़न घरेलू हिंसा, तलाक जैसे मामलों में विगत वर्षो में काफी इजाफा देखने को मिला है जिसका सम्भावित मुख्य कारण प्री मैरिज कपल में जागरूकता की कमी को माना जा सकता है इस अवसर पर उन्होंने संकल्प लिया कि वह जिला प्रभारी समेत जिला कार्यकारिणी की मदद से जनपद में युवाओं में जागरूकता फैलाने को लेकर यथासंभव प्रयास करेगी। इसी के साथ उन्होंने आगे बताया कि जनपद जालौन के मुख्यालय उरई में संचालित “मैच माइंड” विवाह पूर्व परामर्श केंद्र, भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन नई दिल्ली के तत्वावधान में दिसंबर 2025 से निरंतर संचालित हो रहा है। इस अवधि में केंद्र द्वारा अप्रैल 2026 तक लगभग 15 से 20 जोड़ों के बीच चल रहे वैवाहिक विवादों का सफल समाधान कराया जा चुका है। कई मामलों में आपसी सहमति एवं समझदारी के माध्यम से न केवल विवाद सुलझाए गए, बल्कि विवाह भी संपन्न कराए गए, जिससे संबंधित युवाओं को नई दिशा और स्थिर जीवन की शुरुआत मिली है।