आंधी-तूफान की सबसे ज्यादा मार पड़ी ग्रामीण फीडरों पर, सैकड़ों पोल धराशायी

500 से अधिक पोल क्षतिग्रस्त होने की आशंका, नलकूपों के ट्रांसफार्मर भी हुए खराब

विभाग का दावा, अभी 20 प्रतिशत गांवों की सप्लाई चालू कर दी गई है 

कोंच। दो दिन पहले बुधवार की रात आए भीषण आंधी-तूफान की सबसे ज्यादा मार ग्रामीण फीडरों पर पड़ी है। कोंच क्षेत्र की ग्रामीण बिजली व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है, तेज हवाओं और बारिश के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में बिजली के पोल, ट्रांसफार्मर और अन्य बिजली उपकरण क्षतिग्रस्त हो गए हैं। हालात ऐसे हैं कि कई गांवों में बिजली आपूर्ति बहाल होने में अभी कई दिन लग सकते हैं, जिससे हजारों उपभोक्ताओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बिजली विभाग का दावा है कि जहां जहां तक लाइनें ठीक थी वहां तक के गांवों की सप्लाई चालू करा दी गई है। करीब 20 प्रतिशत गांवों की सप्लाई अभी तक चालू हो सकी है। बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार कोंच क्षेत्र में करीब 500 पोल क्षतिग्रस्त होने की आशंका है, रिपोर्ट एकत्रित की जा रही हैं। कई स्थानों पर बिजली के खंभों के साथ ट्रांसफार्मर भी गिर कर क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे मरम्मत कार्य और अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया है। नहर के पास स्थित कोंच प्रथम बिजली उपकेंद्र से जुड़े उरई, जालौन, अंडा तथा नलकूप फीडरों को सबसे अधिक नुकसान पहुंचा है। जेई अमन पांडे ने बताया कि इन फीडरों पर करीब 200 पोल आंधी-पानी में टूट गए हैं। कई जगह ट्रांसफार्मर भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिसके कारण आपूर्ति पूरी तरह ठप है। वहीं कोंच द्वितीय बिजली उपकेंद्र से जुड़े इमलोरी, नदीगांव, सामी और तीतरा फीडरों पर भी तूफान का व्यापक असर पड़ा है। जेई अमन खान ने बताया कि इन फीडरों पर करीब 220 पोल क्षतिग्रस्त हुए हैं। हालांकि कस्बे की आपूर्ति बहाल कर दी गई है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में मरम्मत कार्य अभी जारी है। अधिकारियों के मुताबिक केवल पोल ही नहीं, बल्कि क्रॉस, आर्म, इंसुलेटर, एफ-क्लिप, डी-क्लिप और अन्य बिजली सामग्री भी बड़ी मात्रा में क्षतिग्रस्त हुई है। विभाग की टीमें लगातार फील्ड में काम कर रही हैं और प्राथमिकता के आधार पर एक-एक फीडर को दुरुस्त किया जा रहा है। बिजली आपूर्ति ठप रहने से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट गहराने लगा है। घरों में भीषण गर्मी के बीच लोगों को रातें अंधेरे में बितानी पड़ रही हैं। विभाग का कहना है कि क्षति का आकलन जारी है और संसाधनों की उपलब्धता के अनुसार तेजी से मरम्मत कार्य कराया जा रहा है।

इंसेट में- 
एसडीओ बोले, सर्वे के बाद भेजी गई सामग्री की मांग

कोंच। बिजली विभाग के एसडीओ धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि तूफान से हुए नुकसान का सर्वे कराया जा चुका है और आवश्यक बिजली सामग्री की मांग उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। उन्होंने बताया कि विभाग के पास उपलब्ध सामग्री से मरम्मत कार्य भी तत्काल शुरू करा दिया गया था। एसडीओ के अनुसार बिजली घर के आसपास स्थित कई गांवों की आपूर्ति बहाल कर दी गई है। जिन गांवों तक लाइनें सुरक्षित थीं अथवा जहां मामूली मरम्मत की आवश्यकता थी, वहां खराबी दूर कर बिजली सप्लाई चालू करा दी गई है। उन्होंने कहा कि जिन फीडरों पर अधिक नुकसान हुआ है, वहां युद्धस्तर पर कार्य कराया जा रहा है और चरणबद्ध तरीके से सभी गांवों की बिजली आपूर्ति बहाल की जाएगी।

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