न तो ठीक से गड्डे गहरे हो रहे और न ही उनमें खाद डाली जा रही
इन दिनों जिले में पौध रोपण का अभियान चलाया जा रहा है। शासन के विशेष निर्देश पर चल रहे पौध रोपण कार्यक्रम में सभी विभागों को लक्ष्य दिया गया है। कुछ विभागों ने पौध रोपण अभियान का मजाक बना दिया है। कोच कैलिया मार्ग पर जिस तरह से पौधे रोपे जा रहे है उसे देखकर यह नहीं लगता कि शासन की मंशा पूरी होने वाली है।
बरसात के मौसम में हर वर्ष बड़ी संख्या में पौधे रोपे जाते हैं ।पर्यावरण को हरा भरा रखने के लिए विभाग बार पौध रोपने का लक्ष्य दिया जाता है। यही नहीं शासन के सख्त निर्देश रहते हैं कि मानक के अनुसार पौधों को रोपा जाए। और उनकी सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी विभाग उठाएं ।शासन ने अभियान में लापरवाही बरतने पर कार्रवाई के भी निर्देश दिए लेकिन कुछ विभाग पौधारोपण में बड़े स्तर पर लापरवाही बरत रहे है। ना तो शासन की मनसा अनुसार पौधे रोपे जा रहे हैं और ना ही उनकी सुरक्षा की व्यवस्था की जा रही है। कोच कैलिया मार्ग पर जिस तरीके से पौधों पर जा रहे हैं उससे शासन की मनसा पूरी होती नहीं दिख रही है। यहां जो कर्मचारी लगे हैं वह बहुत कम गहरे गड्ढे खोद रहे हैं गड्ढों में ना तो खाद डाली जा रही है ना ही और कुछ इंतजाम किया जा रहे। आसपास के लोगों ने बताया कि पौधरोपण के नाम पर यहां औपचारिकता की जा रही है। जिस तरह से पौधे लगाए जा रहे हैं उससे नहीं लगता कि वह ज्यादा दिनों तक सुरक्षित रह सकते हैं ।पौध रोपण में लापरवाही बरत रहे अधिकारियों को कार्यवाहीं का भी डर नहीं सता रहा है क्योंकि जिले स्तर पर पौधारोपण अभियान की निगरानी करने के लिए टीम बनाई गई जो समय-समय पर उन स्थानों का निरीक्षण करती है जहां पर पौधों रोपे जा रहे हैं । लापर वाह विभागों पर अगर सख्ती नहीं बरती गई तो शासन की मनसा अनुसार पौधे रोपना बड़ा मुश्किल हो जाएगा। हर साल लाखों की संख्या में पौधे रोपे जाते हैं लेकिन बड़ी संख्या में पौधे अपना स्वरूप लेने से पहले ही नष्ट हो जाते हैं। अगर शासन की मनसा अनुसार पौधे रोपे जाए तो जिला हरा भरा हो जाएगा और जिले के लोगों को बड़ा फायदा होगा।
कोच कैलिया मार्ग पर मानक के अनुसार नहीं रोपे जा रहे पौधे
