मोहर्रम की दस तारीख के दिन इमामे हुसैन को दीन के लिये शहादत को याद करते हुये कस्बे व क्षेत्र के डेढ़ दर्जन से अधिक ताजियों का जुलूस परमपरागत रास्ते से निकाला गया,जो अपने स्थान से उठ कर कर्बला में मुस्लिम रीति रिवाज के साथ सुपुर्दे खाख किये गए
गौरतलब है रविवार को मोहर्रम की दस तारीख को जालियों के जुलूस के दौरान अखाड़ो के अदभुत दृश्य के साथ कलाकारों ने करतब दिखाये जिसमे ढाल सवारी,छड़े,भी शामिल रही इस दौरान सौकड़ों की संख्या में अक़ीक़दमंद मौजूद रहे

इस दौरान तजियेदार,अब्दुल हमीद,मुन्ना बाबा,सद्दू टेलर्स,आदि ने जानकारी देते हुये बताया कि हम सभी तजियेदार पिछले 40 बर्ष से लगातार ताजिया बना रहे है,जो इमामे हुसैन की याद में ताजिया उठाते है और फातिया खानी कर देश के लिये अमन चैन की दुआएं मांगते है और मुस्लिम रीति रिवाज के साथ कर्बला में सुपुर्दे खाख किये जाते है
इस दौरान यूनुस खान,इमाम खान,सगीर खान,इदरीस खान,इशहाक शाह,रंजे खान,मोहसिन खान,सुफियान,आशिफ अली,यासीन शाह,दानिश, राशिद कादरी,मन्नु कादरी,इरफान अली,सुआब खान,जियाउद्दीन,मोनू सारंग,हाजी आशिफ खान,आदि सैकड़ो की संख्या में लोग मौजूद रहे
