महाराष्ट्र में भाषा के नाम पर जो हो रहा है उसे देश बर्दाश्त नहीं करेगा
सरकार जमीन लेकर अनाज दे रही है
भारतीय किसान यूनियन (BKU) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि महाराष्ट्र में भाषा के नाम पर लोगों का जो उत्पीड़न हो रहा है उसे देश बर्दाश्त नहीं करेगा। ऐसी घटनाओं पर रोक लगनी चाहिए। यह देश सभी का है जो चाहे वहां रह कर काम कर सकता है। यह बात उन्होंने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कही।भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव राजवीर सिंह जादौन की पुत्री की रिंग सेरेमनी में शामिल होने के लिए वह यहां आए थे। उन्होंने कहा कि “हम किसी चुनाव में भाग नहीं लेते लेकिन इतना जरूर कहेंगे कि भाजपा ने बेईमानी की शुरुआत बिहार चुनाव से की थी। इस बार अगर फिर वही बेईमानी हुई तो सत्ता पक्ष ही जीतेगा, लेकिन यदि ईमानदारी से चुनाव कराए गए तो विपक्ष की जीत तय है।” उन्होंने साफ कहा कि मौजूदा भाजपा सरकार जनादेश का सम्मान नहीं करती और जनभावनाओं को तोड़ने का काम करती है।
महाराष्ट्र में सरकार गिराने पर सवाल
महाराष्ट्र चुनाव और सरकार गिराने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि “राहुल गांधी अगर सवाल उठा रहे हैं तो उसका कारण है। वहां बनी हुई सरकार को भाजपा ने तोड़ दिया। यदि कोई चुनाव जीतकर आता है तो भाजपा उसमें तोड़फोड़ करती है। क्या यह ईमानदारी है? किसी के घर को तोड़ना, बंटवारा करना क्या सही है?” टिकैत ने भूमि अधिग्रहण को लेकर कहा कि “देशभर में जमीनों का जबरन अधिग्रहण किया जा रहा है, चाहे वो उत्तर प्रदेश हो, बिहार हो, मध्य प्रदेश हो या कर्नाटक। सभी सरकारों की नीति एक जैसी है। बड़े उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए किसानों की जमीन छीनी जा रही है। सरकारें कहती हैं कि अनाज देंगे, लेकिन जमीन लेकर अनाज देना क्या कोई नीति है? यह तो किसानों को गरीब बनाने की साजिश है।” महाराष्ट्र में भाषा के नाम पर हो रही हिंसा को लेकर टिकैत ने कहा कि “यह बहुत गलत हो रहा है। नई-नई पार्टियां मुद्दा खोज रही हैं। पहले बाला साहब ठाकरे ने इस मुद्दे को उठाया था लेकिन बाद में छोड़ दिया था। अब उनके वंशज फिर से इस मुद्दे को भुना रहे हैं। हिंदी भाषी लोगों के साथ महाराष्ट्र और कन्नड़ भाषी लोग गलत व्यवहार करते हैं।” राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कावड़ यात्रा के दौरान मुसलमानों को निशाना बनाए जाने की आलोचना करते हुए कहा कि “दिक्कत नॉनवेज से नहीं बल्कि मुस्लिम समाज से है। हमने सरकार को सुझाव दिया है कि जो होटल वेजिटेरियन हैं, वहां हरे रंग की सूचना हो और जो नॉनवेज परोसते हैं, वहां लाल रंग से लिखा जाए। यदि वास्तव में लोगों को नॉनवेज से दिक्कत है तो यूपी, बिहार, दिल्ली, उत्तराखंड में दुकानों पर रजिस्टर रखो और खाने वालों के नाम दर्ज करो, नॉनवेज की खपत 60 प्रतिशत कम हो जाएगी।” प्रदेश में मूंग खरीद और खाद संकट पर टिकैत ने कहा कि “इस बार मूंग की पैदावार अच्छी हुई है लेकिन सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद नहीं कर रही। किसानों को खाद भी समय पर नहीं मिल रही, जिससे खेती प्रभावित हो रही है। यह समस्या पूरे प्रदेश में एक जैसी है। जरूरत के हिसाब से किसानों के लिए चलाई जाने वाली योजनाओं की शुरुआत नहीं होती है। मूंग खरीद के लिए केंद्र तब खोले गए जब किसान अपनी ज्यादातर उपज को मंडी में बेच चुका है। खाद की समस्या से हर बार किसानों को परेशान होना पड़ता है। इस दिशा में सरकार कोई कारगर कदम नहीं उठा रही है।सरकार जिस तरह से इस समय काम कर रही है उससे तो यही लगता है कि वह उद्योग पतियों को लाभ पहुंचा रही है। इस मौके पर राष्ट्रीय महासचिव राजबीर सिंह जादौन,बलराम लंबरदार, दिनेश गौर प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
