- जिन्होंने अवैधानिक तरीके से तोड़ी उन्हीं ने फिर से बनाई बाउंड्री वाल
कोंच। जिला पंचायत के ठेकेदार द्वारा बीआरसी कोंच की जो बाउंड्री वाल ध्वस्त कर दी थी उसे फिर से बनवा दिया गया है। दैनिक भास्कर के 18 जुलाई के अंक में प्रकाशित खबर का असर ये हुआ है कि अधिकारियों ने इस पूरे मामले पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए जब संबंधित संस्था को डांट लगाई तो उस बाउंड्री वाल की फिर से तामीर कर दी गई। गौरतलब है कि ब्लॉक संसाधन केंद्र कोंच की जमीन पर जिला पंचायत ने कब्जा करना शुरू कर दिया था और मंगलवार से उसकी बाउंड्री वाल की तुड़ाई का काम चालू कर दिया था। हालांकि बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा इस ध्वस्तीकरण पर घोर आपत्ति दर्ज कराई गई लेकिन जिला पंचायत के ठेकेदार ने मनमाने तरीके से बाउंड्री वाल को ध्वस्त कर दिया था। इस पूरे मामले को दैनिक भास्कर ने 18 जुलाई के अंक में ‘बीआरसी की जमीन पर कब्जा करने को बाउंड्री वाल तोड़ना हुआ शुरू’ शीर्षक के साथ प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। उक्त खबर छपने के बाद जिले के आला अधिकारियों ने पूरे मामले पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए गहराई से इसकी पड़ताल की और संबंधितों को बाउंड्री वाल जहां की तहां खड़ी करने कड़ी ताकीद की। जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडे ने एसडीएम ज्योति सिंह को निर्देश दिए कि संबंधित ठेकेदार को बुला कर बाउंड्री वाल का तत्काल निर्माण कराया जाना सुनिश्चित करें। इसके बाद एसडीएम ने ठेकेदार को बुलवा कर बाउंड्री वाल बनाने के लिए कहा। अधिकारियों की डांट खाने के बाद जिला पंचायत के ठेकेदार ने जिस तरह से बाउंड्री वाल तोड़ी थी उसी तरह दोबारा बना भी दी है। इसके लिए शिक्षक संघ ने समाचार पत्र का आभार जताया है। बताना समीचीन होगा कि कोंच बस स्टैंड के पास स्थित बीआरसी की बाउंड्री पर जिला पंचायत ने तुड़ाई का काम शुरू कर दिया था। इस कार्रवाई पर बेसिक शिक्षा विभाग ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा था कि न कोई नोटिस न कोई आदेश फिर कैसे अवैधानिक तरीके से जिला पंचायत बाउंड्री वाल को ध्वस्त कर सकता है। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा बताया गया कि बीआरसी कार्यालय उच्च प्राथमिक विद्यालय में निहित भूमि पर स्थापित है। दशकों पहले उक्त जमीन जिला पंचायत ने बोर्डिंग स्कूल को दान में दी थी। बेसिक शिक्षा परिषद उप्र 1972 नियमावली के मुताबिक ग्राम पंचायत, नगर निकाय या जिला पंचायत द्वारा बेसिक शिक्षा परिषद को दी गई जमीन पर किसी भी तरह का निर्माण भूमि प्रदाता संस्था द्वारा नहीं किया जा सकता है। इसके अलावा यह जमीन कई भूखंडों में बोर्डिंग हाउस के नाम से खतौनी में दर्ज है। कुछ समय पहले भी इस तरह की ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की गई थी तब खंड शिक्षा अधिकारी और उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक अतुल सोनी ने एसडीएम ज्योति सिंह के यहां शिकायत की थी, तब कार्रवाई रोक दी गई थी।
अधिकारियों की डांट के बाद फिर से बनाई बीआरसी की तोड़ी बाउंड्री वाल
