- कोंच बीआरसी में लगाया गया था मेडिकल असेसमेंट कैंप
कोंच। बीआरसी कार्यालय कोंच में आयोजित मेडिकल असेसमेंट कैंप में समय से पहले डॉक्टरों की टीम जाने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले बच्चे व अभिभावक भटकते रहे। कैप में 41 बच्चों ने प्रतिभाग किया। जिसमें 21 बच्चों को प्रमाण पत्र जारी करने के लिए चिन्हित किया गया।
शुक्रवार को बेसिक शिक्षा एवं चिकित्सा विभाग द्वारा संयुक्त रूप से कोंच बीआरसी कार्यालय में कैंप का आयोजन किया गया। कैंप का उद्धाटन एसडीएम ज्योति सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि दिव्यांग बच्चों का दिव्यांगता प्रमाण पत्र प्राथमिकता के आधार पर बनाया जाए क्योंकि दिव्यांग प्रमाण पत्र बन जाने के उपरांत ही बच्चों को शासन की मंशा के अनुरूप लाभ दिया जा सकता है। खंड शिक्षा अधिकारी सुनील राजपूत ने बताया कि कैंप में कुल 41 बच्चों ने प्रतिभाग किया जिसके सापेक्ष 21 बच्चों के नाम जांच उपरांत प्रमाण पत्र जारी किए जाने के लिए चयनित किए गए हैं। कैंप में शिक्षा विभाग से जिला समन्वयक शिवदीन चौधरी, डॉक्टरों की टीम में डॉ. अर्चना विश्वास, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. राम द्विवेदी, नाक, कान, गला के डॉ. बीपी सिंह, डॉ. जेजे राम की टीम ने बच्चों का परीक्षण किया, लेकिन कैंप समापन के निर्धारित समय से पहले ही डॉक्टरों की टीम चली गई जिससे ग्रामीण क्षेत्र से आए कई दिव्यांग बच्चे व उनके अभिभावक परिसर में भटरते रहे। ग्राम गेंदौली निवासी रिंकू ने बताया कि वह अपनी 13 वर्षीय बच्ची दीप्ति का दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने आया था लेकिन बारिश के कारण वह 2 बजे पहुंच पाया जिससे उन्हें डॉक्टर नहीं मिल सके। ग्राम बस्ती निवासी मुलायम कुमार भी अपने बेटे करन व अपनी बड़ी बेटी समी को लेकर पहुंचे उन्हें भी डॉक्टरों की टीम नहीं मिल सकी। ग्राम ईंगुई निवासी कदीर खान भी अपने 7 वर्षीय बच्चे आदिल का प्रमाण पत्र बनवाने पहुंचे लेकिन उन्हें भी डॉक्टरों की टीम नहीं मिल सकी। इस दौरान दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग से शैलेश कुमार गुप्ता, शिक्षक संदीप दीक्षित, ब्रह्मानंद राजपूत, नीरज पांचाल, ईश्वरचंद, जगत सिंह पाल, मनीष कुमार, अंकित सिंह आदि मौजूद रहे।
