जोखिम उठाकर विद्यालय पहुंचते हैं हजारों छात्र
मुख्यालय से जुड़ी पिए मवई सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई। वाहन तो छोड़ो इस सड़क पर पैदल चलना भी दूभर हो गया है। बरसात के दिनों में तो और ज्यादा सड़क खराब हो जाती है। गड्ढों में गिरकर आए दिन दोपहिया वाहन चालक घायल हो रहे है। स्कूल जाने वाले बच्चों को भी भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है।
उक्त सड़क अपनी दुर्दशा पर आसू बहा रही है। कई गांवों को मुख्यालय से जोड़ने वाली सड़क की दुर्दशा देखते ही बनती है। रख रखाव के अभाव में पूरी सड़क दल दल में तब्दील हो चुकी है। बताया गया है कि सड़क कई गांवों को जोड़ती है। इस पर तीन-चार बड़े स्कूल भी हैं। बारिश के कारण सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं और उसमें जल भराव की वजह से दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है। प्रतिदिन हजारों बच्चे अपने विद्यालय के लिए इस सड़क से होकर जाते हैं। फिर भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा। वर्तमान समय में यदि इस सड़क के केवल गड्ढे ही भरवा दिए जाएं तब भी राहगीरों के लिए काफी सहूलियत हो सकती है प्रतिदिन जोखिम उठाकर हजारों बच्चे स्कूल जाते हैं उन्हें भी संभावित दुर्घटनाओं से बचाया जा सकता है। गांव में यदि कोई बीमार हो जाए तो ग्रामीणों के लिए उसको अस्पताल तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। हैरानी की बात तो यह है कि यह सड़क शहर से लगी हुई है उसके बावजूद भी इस पर किसी का ध्यान नहीं गया जबकि प्रतिदिन यहां से स्कूल की दर्जनों गाड़ियां निकलती है। बारिश होने के बाद बाइक सवारों के लिए तो इस सड़क पर निकलना और भी दूबर हो जाता है सड़क पर जल भराव के कारण सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढो को समझ पाना मुश्किल होता है जिससे कि आए दिन बाइक स्लिप होने से लोग घायल हो जाते हैं।
