- तमाम शिवालयों में चल रहे हैं श्रीरामचरितमानस के अखंड पाठ
- बड़े भोर से शुरू होकर दिन चढ़े तक जारी रहा जलाभिषेक का सिलसिला
कोंच। सावन महीने के दूसरे सोमवार को शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जलाभिषेक के लिए उमड़ी। हर हर महादेव की स्वर लहरियों के बीच भगवान शिव के अभिषेक किए गए।
भूतभावन भगवान शिव को समर्पित श्रावण मास के दूसरे सोमवार को नगर व क्षेत्र के शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़ जलाभिषेक के लिए उमड़ पड़ी। बड़े भोर से प्रारंभ हुआ यह सिलसिला काफी दिन चढ़े तक जारी रहा। हर हर महादेव, बोल बम के जयकारे वातावरण को शिवमय बना रहे थे। शिव भक्तों ने आशुतोष भगवान भोले शंकर को प्रसन्न करने के लिए उनका जलाभिषेक किया, उन्हें पंचामृत स्नान कराया और विधि विधान से उनका पूजन कर भोग प्रसाद उन्हें समर्पित किए। चंदकुआ पर भूतेश्वर महादेव मंदिर पर शाम को उनकी भव्य झांकी सजाई गई। महाकालेश्वर (नायक का मठ) मंदिर में भी महिलाओं की भारी भीड़ रही, उक्त मंदिर में समूचे शिव परिवार के साथ भगवान नारायण, भगवान विवस्वान, आंजनेय हनुमान, एकदंत गणेश, नंदी और मां दुर्गा की प्रतिमाएं भी प्रतिष्ठित हैं जो अपने आप में विस्मयकारी है। अति प्रचीन इस मंदिर को इतिहासकार मराठाकालीन बताते हैं। सायं वेला में यहां सैकड़ों महिलाओं ने भजन कीर्तन कर भोलेनाथ को प्रसन्न किया। नईबस्ती के सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में भी ब्रह्म मुहूर्त से ही महिलाओं की भारी भीड़ जलाभिषेक के लिए जुटने लगी थी। भगवान मारकंडेयश्वर, बक्शेश्वर, गुप्तेश्वर आदि मंदिरों में भी श्रावण के इस दूसरे सोमवार को भारी भीड़ रही। तमाम शिवालयों में श्रीरामचरितमानस के अखंड पाठ बैठे हैं।
सावन के दूसरे सोमवार को शिवालयों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
