बरसात और बाढ़ से खराब हुई खरीफ फसल का होगा सर्वे
अत्यधिक बरसात और बाढ़ से खरीफ की फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है। जिलाप्रशासन ने फसलों के नुकसान का जायजा लेने के लिए टीमें गठित कर दी है। कृषि विभाग के अलावा तहसीलदारों के नेतृत्व में सर्वे किया जाएगा। उप कृषि निदेशक एसके उत्तम है बताया कि लेखपालो की रिपोर्ट के आधार पर खरीफ फसलों के नुकसान का आकलन किया जाएगा इसके बाद किसानों को शासन की मनसा अनुसार सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
जिले में लगातार हो रही बरसात और यमुना नदी के उफान से कई गांवों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं, जिसका सीधा असर किसानों की खरीफ फसलों पर पड़ा है। भारी वर्षा और पानी भराव के कारण धान, मूंग, उड़द, तिल एवं अन्य खरीफ की फसलें जलभराव में नष्ट हो रही हैं। कई क्षेत्रों में खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह डूब चुकी हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
डिप्टी डायरेक्टर कृषि श्री उत्तम ने बताया कि जिले में बरसात और बाढ़ से खराब हुई खरीफ फसलों का व्यापक सर्वे कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि राजस्व विभाग के साथ मिलकर कृषि विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में जाएंगी और खेत-खेत जाकर क्षति का आकलन करेंगी। सर्वे में फसल के प्रकार, प्रभावित क्षेत्रफल और नुकसान की मात्रा का विस्तृत विवरण दर्ज किया जाएगा। डिप्टी डायरेक्टर ने कहा कि सर्वे रिपोर्ट के आधार पर किसानों को शासन की ओर से राहत और मुआवजा दिलाने की कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत पंजीकरण कराया है, उन्हें बीमा क्लेम की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए संबंधित बीमा कंपनियों को सर्वे के आंकड़े भेजे जाएंगे, ताकि किसानों को शीघ्र राहत मिल सके।
डिप्टी डायरेक्टर कृषि ने किसानों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और अपनी फसल क्षति की जानकारी तुरंत ग्राम प्रधान, लेखपाल या कृषि विभाग के क्षेत्रीय अधिकारियों को दें, ताकि समय रहते सर्वे में उनका नाम दर्ज हो सके। उप निदेशक कृषि एसके उत्तम ने बताया कि जिन गांवों में अगर पचास प्रतिशत से ज्यादा फसलों को नुकसान पहुंचा है वहां के किसानों को राहत दिए जाने के अलग मानक है। बीमा कम्पनियों को भी सर्वे टीमों में शामिल किया गया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर जिले भर में जांच कराई जा रही है। अभी खेतों और रास्तों में पानी भरा है इस लिए सर्वे का कार्य उतना तेज नहीं हो पा रहा है जितना होना चाहिए। बरसात रुकते ही कार्य में तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि किसान घबराए नहीं अपने नुकसान की जानकारी राजस्व विभाग के अधिकारियों को दे ताकि उनकी मदद हो सके। लेखपालों के संपर्क में किसान रहे।
