- पालिका की बिना जानकारी के कैसे उखड़ कर गायब हो गईं इंटरलॉकिंग सड़क की ईंटें
- मामला आजाद नगर में कढोरे राठौर के मकान से गुफरान सिद्दीकी के मकान तक पड़ी इंटरलॉकिंग का
- यह भी आश्चर्यजनक है कि बिना टेंडर के कैसे उखाड़ीं गईं सड़क की इंटरलॉकिंग
कोंच। आजकल नगरपालिका में गजब का खेला चल रहा है। ऐसे ऐसे काम हो रहे हैं जिनकी जानकारी जिम्मेदारों को भी नहीं है। अभी हाल ही में एक नया मामला सामने आया है, नगरपालिका बेखबर सोती रही और रातों-रात पूरी इंटरलॉकिंग सड़क ही गायब हो गई। मामला आजाद नगर में कढोरे राठौर के मकान से गुफरान सिद्दीकी के मकान तक पड़ी इंटरलॉकिंग का है। जिम्मेदारों का कहना है, मामला उनके संज्ञान में नहीं है। नगर पालिका द्वारा 2021 में मोहल्ला आजाद नगर में इंटरलॉकिंग सड़क डाली गई थी। उक्त सड़क की इंटरलॉकिंग ईंटें पालिका के बिना जानकारी के कैसे उखाड़ लीं गईं, यह हैरान करने वाली बात है। ईंट उखड़ कर कहां गईं इसका भी किसी को पता नहीं है। आजाद नगर वार्ड नंबर 20 में कढोरे राठौर के मकान से गुफरान सिद्दीकी के आवास तक करीब साढ़े चार लाख की लागत से यह इंटरलॉकिंग सड़क डाली गई थी। इलाकाई लोगों द्वारा बताया गया है कि तीन-चार दिन पहले सड़क पर बिछीं ईंटें उखाड़ कर ट्रैक्टर में भरकर ले जाईं गईं हैं और पालिका को कानों कान खबर भी नहीं लगी। इलाकाई लोगों का कहना है कि उखाड़ने वालों से पूछा तो बताया गया कि नई सड़क बनना है जिसका टेंडर भी हो गया है, इसी लिए ईंटें उखाड़ी जा रहीं हैं। हैरान करने वाली बात है कि पूरी सड़क ही आराम से गायब हो गई और इंटरलॉकिंग उखड़ कर कहां चली गई इसका भी जबाब किसी के पास नहीं है। पालिका ईओ का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। जानकारी करके संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी। कमोवेश यही पालिकाध्यक्ष प्रदीप गुप्ता का भी कहना है कि मामले की उन्हें कोई जानकारी नहीं है, जल्द ही इसका पता लगाया जाएगा कि कौन इंटरलॉकिंग उखाड़ कर ले गया है। जानकारी होते ही कार्रवाई की जाएगी।
