उरई जालौन। उप कृषि निदेशक एस०के० उत्तम ने जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश के बुन्देलखण्ड क्षेत्र के किसानों को गौवंश एवं जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से सोलर फेंसिंग योजना प्रस्तावित की गई है। यह योजना क्लस्टर आधारित होगी, जिसमें न्यूनतम 10 हेक्टेयर या उससे अधिक क्षेत्र वाले किसान समूह को शामिल किया जाएगा। प्रत्येक क्लस्टर में लगभग 1500 रनिंग मीटर कम्पोजिट सोलर फेंसिंग (गेट, सोलर पैनल, बैटरी, वायर आदि सहित) की व्यवस्था की जाएगी, जिस पर कृषक समूह को 80 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। साथ ही क्लस्टर में न्यूनतम 500 कृषि वानिकी/सहजन के पौधे रोपे जाएंगे, जिससे बायोमास उत्पादन, पोषण प्रबंधन तथा भूमि एवं जल संरक्षण में भी लाभ मिलेगा। उन्होंने योजना के तीन मॉडल बताये जिसमे मॉडल-1: ऊंचाई 1.5 मी (5 फीट), अनुमानित लागत ₹10.87 लाख, अनुदान ₹8.69 लाख, कृषक अंश ₹2.18 लाख।,मॉडल-2: ऊंचाई 1.8 मी (6 फीट), अनुमानित लागत ₹11.64 लाख, अनुदान ₹9.31 लाख, कृषक अंश ₹2.33 लाख। तथा मॉडल-3: ऊंचाई 2.10 मी (7 फीट), अनुमानित लागत ₹8.79 लाख, अनुदान ₹7.03 लाख, कृषक अंश ₹1.76 लाख। उन्होंने बताया कि ये लागतें अनुमानित हैं और वास्तविक आगणन के अनुसार किसानों का अंश निर्धारित होगा। योजना का लाभ दलहन, तिलहन व श्री अन्न उत्पादक किसान समूहों को मिलेगा। आवेदन समूह के अध्यक्ष/लीडर किसान द्वारा किया जाएगा। यदि आवेदन संख्या लक्ष्य से अधिक हो जाती है तो जिलाधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति लॉटरी प्रणाली से चयन करेगी। योजना का 25 प्रतिशत लक्ष्य एफ०पी०ओ० (FPO) के सदस्यों हेतु सुरक्षित रहेगा। चयनित किसानों को स्थलीय सत्यापन के बाद वास्तविक क्षेत्रफल के अनुपात में सोलर फेंसिंग की लंबाई व अनुदान अनुमन्य होगा। अंतिम चयन उपरान्त किसानों को स्वीकृति पत्र ऑनलाइन/ऑफलाइन उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने सभी किसानों से अनुरोध किया कि इच्छुक किसान 05 सितम्बर 2025 तक https://agridarshan.up.gov.in पर आवेदन करें। अधिक जानकारी हेतु उप कृषि निदेशक कार्यालय जालौन या उप सम्भागीय कृषि प्रसार अधिकारी कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।
किसानों को फसलों की सुरक्षा हेतु सोलर फेंसिंग योजना
