एसडीएम ने सात विद्यालयों का निरीक्षण कर शिक्षा की गुणवत्ता परख कर पढ़ाया


विधालय की टूटी बाउंड्री का निर्माण के लिये निर्देश
कालपी जालौन। शनिवार को सरकारी स्कूलों में शिक्षा की हकीकत को परखने के लिए उपजिलाधिकारी मनोज कुमार सिंह ने नगरीय क्षेत्र के 7 परिषदीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों से सवाल जबाब दिये। एसडीएम के औचक निरीक्षण से बेचैनी फैल गई। जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय के निर्देशन के अनुरूप परिषदीय कम्पोजिट विद्यालय मनीगंज में उपजिलाधिकारी मनोज कुमार सिंह औचक तरीके से पहुंचे। एसडीएम को 65 में 53 विद्यार्थियों की उपस्थिति मिली। प्रभारी प्रधानाध्यापक बृजभूषण तिवारी के साथ परिसर की सफाई व्यवस्था, तथा मिड-डे मिल भोजन की हकीकत परखी। विधार्थियों से विभिन्न विषयों में प्रश्न पूछें, बच्चों के सही जबाब देने पर एसडीएम ने संतोष व्यक्त किया। विद्यालय की टूटी बाउंड्री को देखकर एसडीएम ने नगर पालिका परिषद कालपी के अधिशासी अधिकारी अवनीश कुमार शुक्ला से बाउंड्री वाल का निर्माण करने के निर्देश दिये। इसी क्रम में कन्या प्राथमिक विद्यालय रावगंज में एसडीएम के द्वारा निरीक्षण किया गया यहां पर शिक्षामित्र उषा सिंह अध्ययन करती हुई मिली। परिषदीय प्राथमिक विद्यालय तरीबुल्दा का निरीक्षण किया गया। एक ही परिसर में संचालित हो रहे तीन विद्यालयों का अलग-अलग तरीके से एसडीएम के द्वारा निरीक्षण किया गया। जिसमें परिषदीय विद्यालय राम चबूतरा में शिक्षामित्र शालिनी तिवारी मिली। वही कन्या प्राथमिक विद्यालयों दमदमा तथा रामबाग में निरीक्षण किया गया। विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के साथ प्रभारी प्रधानाध्यापक अब्दुल खालिक तथा खालिद अंसारी से जानकारियां हासिल की। तथा छात्र-छात्राओं से रूबरू हुए। प्राथमिक विद्यालय उदनपुरा में एसडीएम के द्वारा निरीक्षण किया गया यहां पर प्रभारी प्रधानाचार्य सज्जाद बेग छात्र छात्राओं को पढ़ाते हुए मिले। उपजिलाधिकारी मनोज कुमार सिंह ने शिक्षकों से विद्यालयों में बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। उपजिलाधिकारी ने विद्यालयों में बनने वाले मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था का अवलोकन किया। भ्रमण के दौरान एसडीएम ने विद्यालयों में पहुंच कर निरीक्षण किया। उन्होंने बारीकी से विद्यालय का निरीक्षण किया तथा शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं से संवाद स्थापित किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिए कि शिक्षा की गुणवत्ता ठीक रखी जाए तथा छात्र-छात्राओं की उपस्थिति बढाई जाए। एसडीएम ने विधालयो में खुद पढ़ा कर नैतिक शिक्षा दी। उपजिलाधिकारी ने बताया कि विद्यालयों की पढ़ाई की हकीकत को रखने के लिए निरंतर निरीक्षण किया जाएगा। इस संबंध में जानकारी देते हुए एसडीएम ने बताया कि विद्यालयों में छात्रांकन के सापेक्ष 85 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थियों की उपस्थिति पाई गई है।

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