मवई अहीर पंचायत घोटाले में नया खुलासा

प्रधान की जानकारी के बिना सचिव ने डीएससी (डोंगल) का दुरुपयोग कर कराया फर्जी भुगतान

दैनिक भास्कर के 22 पर खबर प्रकाशित होने बाद ग्राम प्रधान को हुई जानकारी, शनिवार शाम खण्ड विकास अधिकारी को दिया शिकायती पत्र

कदौरा। ग्राम पंचायत मवई अहीर में सरकारी धन की हेराफेरी का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। ग्राम प्रधान भूपेंद्र यादव ने खण्ड विकास अधिकारी कदौरा को पत्र देकर पंचायत सचिव वंदना वर्मा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रधान का कहना है कि नवंबर-दिसंबर 2023 में शिक्षा विभाग की ओर से प्राथमिक विद्यालय में बाउंड्रीवाल निर्माण कार्य पूर्ण कराकर 1.75 लाख रुपये का भुगतान पहले ही कर दिया गया था। इसके बावजूद सचिव ने उनके पास उपलब्ध प्रधान डीएससी (डोंगल) का दुरुपयोग करते हुए 1,47,172 रुपये की एक और फर्जी प्रविष्टि कर भुगतान करा दिया। प्रधान ने आरोप लगाया कि इस फर्जी भुगतान को आरव इंटरप्राइजेज नामक संस्था के खाते में दर्शाया गया, जबकि इस फर्म ने ग्राम पंचायत क्षेत्र में किसी भी प्रकार की आपूर्ति या कार्य नहीं किया। उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया उनकी जानकारी के बिना की गई और सचिव की कार्यशैली पहले से ही संदिग्ध व भ्रष्टाचारपूर्ण रही है। यहां तक कि वह पूर्व में निलंबित भी रह चुकी हैं। और जेई द्वारा कब इस्टीमेट और एम बी बनी ये भी जानकारी नहीं है। प्रधान ने खुद को इस प्रकरण से पूर्णतः अलग बताते हुए सचिव के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में खण्ड विकास अधिकारी प्रतिभा शाल्या ने बताया कि प्रकरण की जांच कराई जा रही है। संबंधित जूनियर इंजीनियर से स्टिमेट और कार्य की पुष्टि कराई जाएगी। दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।

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