- जो सड़क मेंटेनेंस में हो उस पर रिपेयरिंग के नाम पर सीसी लेयर कैसे डाली गई
कोंच। आजाद नगर की इंटरलॉकिंग सड़क की ईंटें गायब होने और उसके बाद से नगरपालिका द्वारा किए जा रहे क्रियाकलापों को लेकर रोज ही नए-नए खुलासे हो रहे हैं। साल 2021 में डाली गई जो सड़क अभी मेंटेनेंस में थी उसे उखाड़ा कैसे गया और उस पर सीसी की लेयर रिपेयरिंग के नाम पर कैसे पड़ गई क्योंकि सड़क डालने के बाद पांच साल तक उसका केवल मेंटेनेंस ही हो सकता है जबकि इस मामले में तो उसकी सूरत ही बदल दी गई है। यह मामला सीधे-सीधे सरकारी धन के दुरुपयोग का भी बनता है।
गौरतलब है कि कस्बे के मोहल्ला आजाद नगर वार्ड नंबर 20 में कढोरे राठौर के मकान से गुफरान सिद्दीकी के मकान तक करीब सौ मीटर इंटरलॉकिंग सड़क बनाई गई थी। उक्त सड़क का निर्माण एट की फर्म मेसर्स नजर कॉन्ट्रैक्टर एंड सप्लायर्स द्वारा किया गया था जिसमें पुरानी डैमेज्ड सीसी सड़क पर सीसी ब्लॉक लगाने का काम किया गया था। इसके निर्माण पर 3 लाख 52 हजार 113 रुपए का खर्च आया था। नियमत: इस सड़क को पांच साल तक दोबारा नहीं बनाया जा सकता है, अगर कहीं टूट-फूट है तो वह मेंटेनेंस में ठीक कराई जाएगी, लेकिन यहां तो पूरी की पूरी सड़क ही उखाड़ कर उसकी इंटरलॉकिंग ईंटें गायब कर दी गई थीं जिसकी जांच एसडीएम ज्योति सिंह द्वारा गठित तीन सदस्यीय जांच टीम जिसमें नायब तहसीलदार शादुल्लाह खान, कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक अजीत सिंह और ईओ मोनिका उमराव को शामिल किया गया है, द्वारा किया जाना प्रचलित है। इसी बीच रातों-रात उक्त सड़क पर सीसी की लेयर रिपेयरिंग के नाम पर डाल दी गई जो नियम विरुद्ध है। नगरपालिका का यह कृत्य भी गहन जांच का विषय है कि नियम-कायदों को धता बताकर मनमर्जी के मुताबिक काम कराए जा रहे हैं जो सरकारी धन का सीधा सीधा दुरपयोग है।

जांच टीम के समक्ष अपने बयान दर्ज कराए मदरसा कमेटी ने
कोंच। आजाद नगर की बहुचर्चित सड़क जिसकी गायब इंटरलॉकिंग ईंटें एक मदरसे से बरामद की गईं थीं, के मामले में शनिवार देर शाम मदरसा कमेटी ने जांच टीम के समक्ष प्रस्तुत होकर अपने बयान दर्ज कराए हैं। तीन सदस्यीय उक्त जांच टीम के सदस्य नायब तहसीलदार शादुल्लाह खान ने बताया है कि मदरसा कमेटी के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और पूरी जांच रिपोर्ट एसडीएम को प्रेषित की जा रही है। उक्त जांच रिपोर्ट में क्या है इसकी जानकारी फिलहाल उन्होंने नहीं दी है।
