- नौ शताब्दी पहले अस्तित्व में आया था चौड़िया ताल, जल प्रबंधन का नायाब नमूना था तालाब
- पृथ्वी राज चौहान के सामंत चामुण्डराय ने कराया था इसका निर्माण
कोंच। नगर के पश्चिम में बड़ी माता मंदिर के सामने से लेकर ईदगाह मैदान तक पसरा चौड़िया ताल पिछले कमोवेश चार दशक से भीषण अतिक्रमण की चपेट में है। तालाब की भूमि पर दर्जनों मकान खड़े हो चुके हैं जो नगरपालिका प्रशासन की घोर लापरवाही का नमूना है। हैरान करने वाली बात यह है कि तमाम प्राइवेट लोग इस तालाब की जमीन पर भूखंड बनाकर बेच रहे हैं और जिम्मेदार बेखबर सोते रहे। कोंच नगर एक पुराना और ऐतिहासिक नगर है जो मठ-मंदिरों, बाग-बगीचों और ताल-तलैयों के लिए जाना जाता है। नगर के पश्चिम में अवस्थित चौड़िया ताल भी उन्हीं तालाबों में से एक है जो पिछले करीब चार दशक से भयंकर अतिक्रमण की चपेट में है। कई एकड़ में पसरा यह तालाब अब अपना अस्तित्व बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रहा है। गौरतलब है कि नौ सौ साल पहले अस्तित्व में आए इस तालाब का निर्माण दिल्ली नरेश पृथ्वी राज चौहान के सामंत चामुण्डराय ने 12वीं शताब्दी में कराया था। उस समय यह तालाब जल प्रबंधन का नायाब नमूना था। सागर तालाब, धनु तालाब, राम कुंड, भुंजरया तालाब, बाबड़ी आदि की तरह चौड़िया ताल भी कोंच की ऐतिहासिक विरासतों में शुमार है।
