लेखपाल पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, पीड़ित ने की निष्पक्ष जांच की मांग


कुठौंद जालौन। तहसील माधौगढ़ के ग्राम हाजीपुर में लेखपाल अशोक कुमार पर भ्रष्टाचार और मनमानी का गंभीर आरोप लगाया गया है। मामला आराजी नंबर 489 रकबा 0.287 हेक्टेयर से जुड़ा है, जिसमें न्यायालय में वाद विचाराधीन होने के बावजूद लेखपाल ने नियमों को ताक पर रखकर माप-तौल और पत्थर गड्डी करा दी। इतना ही नहीं, आरोप है कि लेखपाल ने रामशरण बनाम भगवान के मामले में आदेश लेकर वादी जय नारायण पुत्र मूलचंद की आराजी नंबर 499 रकबा 0.494 हेक्टेयर की नाप करके उसमें अवैध रूप से मेड़बंदी भी करा दी। वादी जय नारायण का आरोप है कि लेखपाल ने विपक्षी से ₹60,000 और उनसे स्वयं ₹15,000 अवैध रूप से वसूले। पीड़ित ने इस संबंध में उपजिलाधिकारी माधौगढ़ को प्रार्थना पत्र भी प्रस्तुत किया है। वादी का कहना है कि भ्रष्टाचार में लिप्त लेखपाल पुलिस विभाग को भी गुमराह कर देता है, क्योंकि राजस्व संबंधी तकनीकी जानकारी न होने के कारण पुलिस उसकी बातों पर भरोसा कर बैठती है। पीड़ित जय नारायण का खेत, जिसमें पहले से फसल बोई गई थी, विपक्षी राजा भैया पुत्र मथुरा प्रसाद द्वारा जोत दिया गया। इसकी शिकायत थाना समाधान दिवस में दर्ज कराई गई। जब पुलिस ने लेखपाल से पूछताछ की तो उसने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि जितना हिस्सा पड़ता है उतना छोड़ दिया गया है। इसके साथ ही पुलिस ने पीड़ित को जेल भेजने तक की धमकी दी। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि वादी की खतौनी में रामशरण का कहीं भी नाम दर्ज नहीं है और न ही वह सहखातेदार है। फर्जी आदेश और भ्रष्ट आचरण के चलते वादी को लगातार गुमराह किया जा रहा है। पीड़ित का कहना है कि लेखपाल को अधिकारियों और पुलिस का कोई भय नहीं है, जिसके चलते वह मनमानी कर रहा है। पीड़ित ने उच्चाधिकारियों से विशेष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

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