गोहन थाना के एस एसआई पर सिविल ड्रेस में घर मे घुसकर लगा गलौज करने लगा आरोप

देर रात्रि शराब पीकर सिविल ड्रेस में घर में घुसे थे एस एसआई

दैनिक भास्कर।ईटो। थाना गोहन में तैनात एसएसआई वीरेंद्र बहादुर इस समय अपनी कार्यप्रणाली से चर्चाओं में हैं आए दिन योगी सरकार के आदेशों और पुलिस अधीक्षक डॉ दुर्गेश कुमार के निर्देशों की अवेहलना कर कार्य कर रहे हैं! योगी सरकार महिलाओं के सम्मान करने व पुलिस को जनता से मित्रवत व्यवहार करने के लिए कहती हैं परंतु एसएसआई वीरेंद्र बहादुर पर देर रात शराब पीकर सिविल ड्रेस में बिना आदेश के घर में घुसकर गालीगलौज करने का आरोप लगा है! प्राप्त जानकारी के अनुसार रात लगभग 11 बजे एसएसआई वीरेंद्र बहादुर सिंह सिविल ड्रेस में बिना किसी आदेश के सुमित प्रजापति के घर में घुसे और महिलाओं को गालीगलौज करने लगे! महिलाओं ने इसका विरोध किया तो वह युवक को थाना ले जाने लगे! किसी अनहोनी की आशंका से घर के लोगों ने वीडियो बनाया! एसएसआई की इस कार्यप्रणाली का युवक ने विरोध किया! एसएसआई का यह कार्य नियमविरुद्ध था! एसएसआई ने मीडिया व अन्य लोगों के माध्यम से बताया कि रात में बिना परमीशन के गोहन में एक कार्यक्रम में गाने बज रहे थे और डांस हो रहा था इसलिए वहां गया था जिसका वीडियो महिलाओं ने बनाया है! कौन सच्चा है और कौन गलत यह जांच का विषय है! परंतु जब सुमित प्रजापति के यहां कोई कार्यक्रम नहीं हो रहा था तो सुमित प्रजापति के घर जाकर गाली गलौज करने का क्या कारण था यदि वीरेंद्र बहादुर डांस बंद कराने गए थे तो जिसके यहां डांस हो रहा था उसके यहां जाते किसी दूसरे के घर जाने का क्या औचित्य था यहां यह भी तथ्य महत्वपूर्ण है कि यदि वीरेंद्र बहादुर ड्यूटी पर थे तो शराब पीकर एवं सिविल ड्रेस में जाना नियमविरुद्ध है! गुप्त सूत्रों के अनुसार एक पीड़ित द्वारा पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र दिए जाने से एस एस आई सुमित प्रजापति से क्रोधित है इसलिए उसे अपमानित करने के लिए रात में उसके घर गए और बचाव के लिए डांस बंद कराने का बहाना कर दिया! चर्चा यह भी है कि यदि रात में ही सही से जांच हो जाती तो वीरेंद्र बहादुर के शराब पीकर आने की बात भी सोलह आने सच साबित होती! कुछ दिन पूर्व ही 1076 पर शिकायत करने पर एक महिला की सरेआम एसएसआई बीरेंद्र बहादुर पिटाई करा चुके है जिसकी जांच भी चल रही है! लोगों की मांग है कि एस एस आई पर कार्यवाही की जाए और उन्हें थाना से हटाकर जांच की जाए तभी निष्पक्ष जांच हो सकेगी! एस एस आई वीरेंद्र बहादुर न्याय प्रिय पुलिस अधीक्षक की छवि धूमिल कर रहे हैं!

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