उरई जालौन में जयगुरुदेव बाबा उमाकांत जी महाराज के शरद पूर्णिमा सत्संग व नामदान कार्यक्रम का भव्य समापन
उरई (जालौन)। शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर आयोजित दो दिवसीय जयगुरुदेव बाबा उमाकांत जी महाराज के सत्संग और नामदान कार्यक्रम का भव्य समापन बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ हुआ। उज्जैन से पधारे पूरे समर्थ सन्त सतगुरु, दुखहर्ता बाबा उमाकांत जी महाराज ने अपने संदेश में समाज को नशामुक्त और शाकाहारी जीवन अपनाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को गर्व से कहना चाहिए कि “हम शाकाहारी और नशामुक्त हैं।” उन्होंने नेताओं और अधिकारियों को भी प्रेरित करते हुए कहा कि जब तक शासक वर्ग मांसाहार और नशे से मुक्त नहीं होगा, तब तक देश में सच्चा परिवर्तन संभव नहीं है। वोट और नोट की राजनीति में फँसकर नेता लोग देश में शराबबंदी लागू नहीं कर पा रहे हैं, जबकि नशा देश को खोखला कर रहा है और युवा पीढ़ी को बर्बादी की ओर ले जा रहा है।

सतगुरु बाबा उमाकांत जी महाराज ने आगे कहा कि
- संत सतगुरु की दया, दृष्टि, वाणी और स्पर्श से ही आत्मा को मोक्ष मिल सकता है।
- जीव हत्या कर धन कमाने वाला कोई भी देश प्रगति नहीं कर सकता।
- आने वाले समय में देश के सभी मंत्री, विधायक, सांसद और अधिकारी-कर्मचारी शाकाहारी, नशामुक्त, सेवाभावी और देशभक्त होंगे।
- जब निर्मित ऑक्सीजन नहीं मिलेगी, तब जंगलों और बगीचों की प्राकृतिक ऑक्सीजन ही जीवनदायिनी सिद्ध होगी।
कार्यक्रम के दौरान हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे और बाबा जी के प्रवचनों को सुनकर प्रेरित हुए। वातावरण भक्ति, शांति और आत्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा।





