
उरई जालौन। भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन के तत्वाधान में सुनीता सुमन शिक्षा एवं सेवा संस्थान द्वारा निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की। प्रतियोगिता का उद्देश्य युवाओं में मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा उन्हें अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति सजग बनाना था।
जिला प्रभारी संजीव कुमार दीक्षित ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान समय में विद्यार्थी और युवा पीढ़ी समाज का भविष्य हैं, इसलिए उनके भीतर मानवाधिकारों के प्रति समझ विकसित होने से एक सशक्त और न्यायपूर्ण समाज का निर्माण संभव है। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें प्रतिभागियों ने “मानवाधिकार” विषय पर उत्कृष्ट लेख प्रस्तुत किए।
श्री दीक्षित ने बताया कि प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को आगामी 10 दिसंबर 2025 को विश्व मानवाधिकार दिवस के अवसर पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान न केवल प्रतिभागियों के उत्साहवर्धन का माध्यम बनेगा, बल्कि अन्य युवाओं को भी मानवाधिकार संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रेरित करेगा। इस मौके पर जिला विधिक सचिव नेहा निरंजन अवनीश चन्द्र द्विवेदी (बब्बुल महाराज), एड अमृता सक्सेना, डॉ, सविता सिंदूर सहित कार्यक्रम में सुनीता सुमन शिक्षा एवं सेवा संस्थान का मैनेजमेंट व शिक्षक अपर्णा पटेल, हर्ष शर्मा, अभिनव शर्मा सहित शिक्षकों और सदस्यों की सक्रिय भूमिका रही। सभी ने मिलकर छात्रों को बेहतर दिशा प्रदान की तथा समाज हित में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।