


फोटो कोंच1-निर्माण के दौरान धराशाई हुई नाले की दीवार
फोटो कोंच2-रातों रात बनवाई गई दीवार
- कार्रवाई के डर से रातों रात बनवाया गया धराशाई नाला, दलदली जमीन पर किया जा रहा है नाला निर्माण
- लोगों का कहना मानक विहीन हो रहा निर्माण, जनता की गाढी कमाई का हो रहा बंदरबांट, जांच की मांग
कोंच। नगरपालिका के लगभग हर निर्माण कार्य में मानकों और गुणवत्ता की बेरोकटोक धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। पिछले कई निर्माण कार्यों के बाद एक बार फिर नगरपालिका का निर्माण कार्य सुर्खियों में आ गया है। निर्माण के दौरान ही नाले की दीवार गिर कर धराशाई हो गई है जो मानकों और गुणवत्ता की पोल खोल रही है। कार्रवाई के डर से ठेकेदार ने रातों रात धराशाई नाले की दीवार का निर्माण फिर से करा दिया है। बताया गया कि दलदली जमीन में ही नाला निर्माण किया जा रहा है, लेकिन पालिका के जिम्मेदार आंखें मूंदे बैठे हुए हैं। गुस्से में भरे इलाकाई लोगों ने जनता की गाढ़ी कमाई का बंदरबांट किए जाने के आरोप लगाते हुए नाले की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है। इस संबंध में नगरपालिका द्वारा दिया जा रहा बेतुका तर्क लोगों के गले नहीं उतर रहा है और भूसे पर लिपाई जैसा बताया जा रहा है।
कोंच नगर पालिका के निर्माण कार्य हमेशा सुर्खियों में रहते हैं। कभी सड़क बनते ही उखड़ने लगती है तो कभी नाले बनते ही धराशाई हो जाते हैं। नगर पालिका कोंच द्वारा 15वें वित्त से महंतनगर तिराहे से कांशीराम कॉलोनी के पास बनी पुलिया तक कोंच-पिंडारी मुख्य मार्ग के किनारे करीब 20 लाख की लागत से 212 मीटर लंबा व दो मीटर चौड़े पक्के नाले का निर्माण कराया जा रहा है। नाले के निर्माण कार्य में मानक का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। नाले की जमीन में पानी भरा होने से दलदल बना हुआ है लेकिन फिर भी नाले में आरसीसी का बेस डालकर उसकी दीवारें खड़ी की जा रही थीं। तभी घटिया निर्माण सामग्री से बनाए जा रहे नाले की साइड बाल भरभरा कर धराशाई हो गई। ठेकेदार ने कार्रवाई के डर से रातों रात गिरी दीवार फिर से बनवा दी। नाले का निर्माण पानी के बीच कराए जाने को लेकर स्थानीय लोग पहले से ही निर्माण कार्य ढह जाने की आशंका जता रहे थे, फिर भी सभी मानकों को दर किनार करते हुए निर्माण कार्य कराया जाता रहा और गुरुवार को स्थानीय लोगों की आशंका उस समय सच साबित हो गई जब कराया गया निर्माण कार्य ढहकर जमीन पर आ गया। इस स्थिति को लेकर इलाकाई लोगों में गुस्सा है, वे इसे सरकारी धन का बंदरबांट बता रहे हैं और कराए गए निर्माण कार्य की जांच की मांग कर रहे हैं। इस मामले में दिया जा रहा नगरपालिका का तर्क काफी हास्यास्पद तो है ही, बेतुका भी है जो लोगों के गले नहीं उतर रहा है।
इंसेट में-
टेढ़ा बन रहा था इसलिए गिरवाया-ईओ
कोंच। निर्माण के दौरान ही नाला धराशाई हो जाने को लेकर नगरपालिका की अधिशासी अधिकारी मोनिका उमराव ने कहा है कि नाले की दीवार अपने आप नहीं गिरी है बल्कि नाले को सीधा करवाने के लिए गिरवाई गई थी। उन्होंने कहा, पिछले दिनों नाले का निरीक्षण किया गया था तो वह टेढ़ा बना पाया गया था जिसको सीधा करने के निर्देश दिए गए थे जिसको लेकर ठेकेदार ने गिराकर सीधा किया है।