
माधौगढ़ जालौन। बंगरा – कोंच मार्ग में अंधे मोड़ व घुमावदार पर चालक वाहनों को नियंत्रित ही नहीं कर पाते और नहर में गिर जाते है। आसपास के लोगों की सक्रियता से ही लोगों की जान बचाई जा सकती है। पुलिया पर सुरक्षा के लिए न तो सूचना पट लगाया गया और न ही रेलिंग। यही कारण है कि आये दिन बढ़ रहे हादसे दुर्घटना के साथ साथ मौत का कारण बनते जा रहे है। जबकि यह मुख्य मार्ग दर्जन भर से अधिक गाँवो को जोड़ने वाला है। इंगुई निवासी अंकित सिंह ने बताया कि करीब ढाई वर्ष पहले सड़क का निर्माण हुआ है। सड़क बनने के बाद अबतक छह से अधिक दुर्घटनाएं हो चुकी है। अंधा मोड़ होने की वजह से अक्सर नहर पुल के पास वाहन अनियंत्रित हो जाते हैं। कुछ दिन पूर्व ही मरीज लेकर जा रही एम्ब्यूलेंस अनियंत्रित होकर नहर में चली गयी। कुछ महीने पहले बुलेट सवार भी अनियंत्रित होकर नहर में चला गया। हालांकि, गर्मी का मौसम होने से नहर में पानी कम था और पर ही गांव के लोग मौजूद थे, जिससे अनहोनी नहीं हुई। ग्रामीण जागेंद्र सिंह, जीतू, सत्यम, राज, कृष्णा, छोटू ने बताया कि अक्सर ही पुल के पास वाहन अनियंत्रित हो जाते हैं। बचाव के लिए कोई इंतजाम नहीं किया गया है। पूर्व में शिकायत की गई थी लेकिन, कोई सुनवाई नहीं हुई। अब तक अंधे मोड़ ने कई जिंदगियां निगल ली। प्रशासन ने पहले ही इंतजाम किया होता तो ऐसी घटना न होती। हर समय डर लगा रहता है कि कोई हादसा न हो जाए।