

टीआईआर के माध्यम से लोगो को न्याय दिलाने में रहेंगे सदैव तत्तपर
उरई जालौन। विश्व मानवाधिकार दिवस के अवसर पर भारतीय मानवाधिकार एशोसिएशन जनपद इकाई जालौन द्वारा मण्डम गेस्ट हाउस, उरई में भव्य मानवाधिकार जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनपद के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, न्यायिक अधिकारियों, जिले के प्रतिष्ठित नागरिकों तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों की उपस्थिति ने इसे विशेष महत्त्व प्रदान किया। संगोष्ठी की अध्यक्षता संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुराग चन्द्रवंशी ने की। कार्यक्रम में सम्मिलित अतिथियों में प्रवीन कुमार पाण्डेय (अपर प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय), श्रीमती पारुल पँवार (सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण), नीरज देव (जेल अधीक्षक, जिला कारागार उरई) तथा तहसीलदार श्रीनाथ जी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजन के साथ हुआ। कार्यक्रम में किन्नर समाज की गुरु माता का सम्मानपूर्वक स्वागत ने कार्यक्रम को सामाजिक समानता और मानवाधिकारों के समावेशी स्वरूप का अद्भुत संदेश दिया।
आयोजन स्थल पर उत्साह और जागरूकता का विशेष वातावरण देखने को मिला जहाँ विभिन्न वक्ताओं ने मानवाधिकार संरक्षण, न्याय तक पहुँच, समाजिक सुरक्षा और पीड़ितों को त्वरित सहायता जैसे विषयों पर विचार व्यक्त किए।

इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव नेहा निरंजन ने संगठन की महत्वपूर्ण पहल टीआईआर – टॉर्चर इंफॉर्मेशन रिपोर्ट पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह तंत्र अत्याचार, उत्पीड़न और हिंसा के पीड़ितों के लिए न्याय की एक प्रभावी प्रक्रिया है। टीआईआर के माध्यम से कोई भी पीड़ित व्यक्ति सीधे न्यायालय में मामला दर्ज करा सकता है, जिससे न्याय प्राप्ति की प्रक्रिया सरल और पारदर्शी बनती है। यह कार्यवाही समाज के कमजोर वर्गों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा में बहुत उपयोगी सिद्ध हो रही है।
जिला प्रभारी एडवोकेट संजीव कुमार दीक्षित ने आश्वासन दिया कि संगठन सदैव वास्तविक पीड़ितों के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने कहा कि कार्यालय में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की समस्या को गम्भीरता से सुना जाएगा और टीम न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।
इस मौके पर कार्यक्रम के आमंत्रित अतिथि संजय यादव, प्रदेश महासचिव ने कहा कि “मानवाधिकार के प्रति जागरूकता ही किसी समाज की वास्तविक शक्ति है। जब हर व्यक्ति अपने अधिकारों और कर्तव्यों को समझता है, तब समाज में समता, न्याय और सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अनुराग चन्द्रवंशी, राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि “भारतीय मानवाधिकार एशोसिएशन का मुख्य ध्येय मानव मर्यादा की रक्षा करना है। यह केवल एक संगठन नहीं, बल्कि पीड़ितों की आवाज़ को सशक्त बनाने का राष्ट्रीय अभियान है। हमारा संकल्प है कि किसी भी व्यक्ति के साथ अन्याय न हो, और यदि हो, तो उसे न्याय दिलाना हमारा कर्तव्य है।” कार्यक्रम में उपस्थित अतिथि प्रवीन कुमार पाण्डेय अपर प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय उरई ने कहा कि “मानवाधिकार केवल संविधान का विषय नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों का आधार हैं। शासन-प्रशासन तभी सार्थक होता है जब वह आम नागरिक के अधिकारों की रक्षा करे।
कार्यक्रम में शिवांगी दीक्षित सुनीता सुमन शिक्षा एवं सेवा संस्थान द्वारा प्रशिक्षित छात्र छात्राओं द्वारा नुक्कड़ कार्यक्रम अत्यंत सराहनीय रहा। कार्यक्रम के अंत में बुंदेलखंड के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। मंच संचालन राजनारायण मिश्रा ने किया।
कार्यक्रम का समापन मानवाधिकार संरक्षण के संकल्प के साथ हुआ, जहाँ उपस्थित जनों ने समाज में न्याय, सुरक्षा और समानता को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
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फोटो परिचय- कार्यक्रम दौरान बच्चो को सम्मानित कर उत्साहवर्धन करते हुये