
उरई जालौन। भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन जनपद इकाई जालौन के जिला महासचिव सलिल तिवारी ने वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. विनय कुमार तिवारी की 14वीं पुण्यतिथि के अवसर पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए कहा कि वे सरल स्वभाव, मानवीय मूल्यों और समाज में अपनी विशिष्ट पहचान के कारण सदैव प्रेरणा-स्रोत बने रहेंगे। इस अवसर पर भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन, बुंदेलखंड फाउंडेशन ट्रस्ट, भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी एवं सिटी सेंटर परिवार के संयुक्त तत्वावधान में स्वेच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया।

शिविर में मानव सेवा की परम्परा को आगे बढ़ाते हुए जिला महासचिव सलिल तिवारी तथा जिला विधिक सचिव एडवोकेट नेहा निरंजन ने एक-एक यूनिट रक्तदान कर चार लोगों के जीवन को बचाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके इस प्रेरणादायी कार्य से अन्य युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी समाजहित में आगे आने का संदेश मिला।
इसी क्रम में संगठन के जिला प्रभारी एडवोकेट संजीव दीक्षित के नेतृत्व में कोहरे के कारण बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं को ध्यान में रखते हुए सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान के तहत जनपद जालौन की टीम ने टैम्पो, ई-रिक्शा, ऑटो व अन्य मोटर वाहनों पर रिफ्लेक्टर पट्टियाँ लगाई तथा वाहन चालकों को कोहरे में सुरक्षित एवं सावधानीपूर्वक वाहन संचालन हेतु जागरूक किया। इस पहल ने जनहित एवं सामूहिक उत्तरदायित्व की भावना को और सुदृढ़ किया।

कार्यक्रम में बुंदेलखंड फाउंडेशन ट्रस्ट, भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी एवं सिटी सेंटर परिवार के पदाधिकारियों और सदस्यगणों ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया और आयोजन को सफल बनाया।

शाम के सत्र में आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन ने कार्यक्रम को सांस्कृतिक गरिमा प्रदान की। उपस्थित कवियों ने अपने भावपूर्ण एवं विचारोत्तेजक काव्य-वाचन के माध्यम से कहा कि डॉ. विनय कुमार तिवारी केवल एक चिकित्सक ही नहीं, बल्कि सेवा-भाव, संवेदना और सामाजिक दायित्व के सजीव प्रतीक थे। उनका जीवन-कार्य आज भी समाज को दिशा देता है और उनकी स्मृतियाँ सदैव प्रेरणादायक रहेंगी।
कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य नागरिकों, पदाधिकारियों एवं सदस्यगणों ने एक स्वर में संकल्प लिया कि डॉ. तिवारी की सेवा-परम्परा और मानवीय मूल्यों को आगे बढ़ाते रहेंगे।
