अलाव के नाम पर सिर्फ औपचारिकता, गीली लकड़ियों से ठंड से राहत नदारद

जालौन से ब्रजेश उदैनियाँ की रिपोर्ट

जालौन। कड़ाके की ठंड से आमजन को राहत देने के लिए नगर पालिका द्वारा जलाए जा रहे अलाव महज औपचारिकता बनकर रह गए हैं। अलाव के लिए डाली जा रही गीली लकड़ियों के कारण न तो आग ठीक से जल पा रही है और न ही लोगों को ठंड से कोई खास राहत मिल रही है।
नगर पालिका के आरआई अनूप कुमार के अनुसार नगर में शाम के समय 22 स्थानों और सुबह 10 स्थानों पर अलाव जलाए जा रहे हैं। हालांकि, यदि प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों की माने तो शाम और सुबह दोनों समय कुछ गिने-चुने स्थानों पर ही अलाव जलते नजर आते हैं, वह भी कुछ देर बाद बुझ जाते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई जगहों पर केवल लकड़ियां डालकर औपचारिक फोटो खिंचवा ली जाती है, लेकिन अलाव नियमित रूप से नहीं जलाए जाते। वहीं गीली लकड़ियों के कारण धुआं तो उठता है, लेकिन आग नहीं जल पाती, जिससे राहगीरों, मजदूरों और गरीब तबके को कोई लाभ नहीं मिल रहा।
ठंड के इस मौसम में नगर पालिका की इस लापरवाही से आमजन में रोष व्याप्त है। लोगों ने मांग की है कि अलाव की संख्या और गुणवत्ता दोनों पर ध्यान दिया जाए तथा सूखी लकड़ियों से नियमित रूप से अलाव जलाए जाएं, ताकि ठंड से वास्तविक राहत मिल सके।

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