जिला बार भवन के नव निर्मित हॉल का भव्य उद्घाटन, न्यायिक गरिमा को मिला नया आयाम


उरई (जालौन)। जिला जजी परिसर स्थित जिला बार भवन के द्वितीय तल पर नव निर्मित हॉल का भव्य उद्घाटन समारोह शुक्रवार, 23 जनवरी 2026 को गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। अपराह्न 3:30 बजे आयोजित इस समारोह में सदर विधायक गौरी शंकर वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता जनपद न्यायाधीश जालौन स्थान उरई बिरजेन्द्र कुमार सिंह ने की। कार्यक्रम में न्यायिक क्षेत्र से जुड़े वरिष्ठ अधिवक्ता, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में अधिवक्तागण उपस्थित रहे। उद्घाटन समारोह का शुभारंभ श्री गणेशाय नमः के मंगलाचरण एवं सरस्वती पूजन के साथ किया गया। मुख्य अतिथि सदर विधायक गौरी शंकर वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि जिला बार भवन में निर्मित यह नया हॉल अधिवक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह हॉल बैठकों, संगोष्ठियों, विधिक चर्चाओं तथा अन्य न्यायिक गतिविधियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि बार और बेंच के बीच बेहतर समन्वय से ही न्याय प्रणाली अधिक सशक्त और प्रभावी बनती है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जनपद न्यायाधीश बिरजेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि अधिवक्ता न्याय व्यवस्था का अभिन्न अंग हैं। उनके लिए बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना आवश्यक है। नव निर्मित हॉल इसी दिशा में एक सराहनीय प्रयास है, जो भविष्य में विधिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा और न्यायिक कार्यों को नई गति प्रदान करेगा। कार्यक्रम के निवेदक जिला बार संघ-जालौन स्थान उरई के अध्यक्ष भगवत शरण मिश्र (एड.) एवं महामंत्री पंकज खरे (एड.) रहे। उन्होंने अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि अधिवक्ताओं की लंबे समय से इस हॉल की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, जो आज पूर्ण हुई। अंत में सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।

इनसेट

संघर्ष, संकल्प और सफलता की मिसाल बनीं एड० नेहा निरंजन
उरई (जालौन)। जिला जजी परिसर स्थित जिला बार भवन के नव निर्मित हॉल के उद्घाटन अवसर पर सदर विधायक गौरी शंकर वर्मा ने अपने संबोधन में एड० नेहा निरंजन के संघर्षपूर्ण जीवन, सामाजिक सरोकार और विधिक योगदान की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि नेहा निरंजन केवल एक नाम नहीं, बल्कि साहस, आत्मनिर्भरता और दृढ़ संकल्प की प्रेरक मिसाल हैं, जो विपरीत परिस्थितियों में भी समाज के लिए प्रेरणा बनीं।
सदर विधायक ने कहा कि पति स्व० मनीष कुमार के असामयिक निधन के बाद नेहा निरंजन ने अद्भुत धैर्य और आत्मबल का परिचय दिया और अपने नौ वर्षीय बच्चे की जिम्मेदारी निभाते हुए उन्होंने न केवल परिवार का भरण-पोषण किया, बल्कि वकालत के क्षेत्र में भी अपनी एक विशिष्ट पहचान स्थापित की। कठिन हालात में हार मानने के बजाय उन्होंने अपने संघर्ष को शक्ति बनाकर न्याय के मार्ग पर आगे बढ़ना जारी रखा।
तो वहीं गौरी शंकर वर्मा ने बताया कि एड० नेहा निरंजन विशेष रूप से पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही हैं। साथ ही वे भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन में जिला विधिक सचिव के पद पर रहते हुए विवाह पूर्व परामर्श केंद्र की अध्यक्षता कर निरंतर महिला समाज के उत्थान हेतु सराहनीय भूमिका निभा रही हैं।
उन्होंने वर्ष 2024-2025 के जिला अधिवक्ता संघ चुनाव में संयुक्त सचिव पद पर उनकी भारी मतों से जीत को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह सफलता उनके परिश्रम, ईमानदारी और लोकप्रियता का सशक्त प्रमाण है।

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