
उरई। विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा जिला अस्पताल एवं राजकीय मेडिकल कॉलेज में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान तंबाकू और नशे के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए शपथ दिलाई गई तथा नशा मुक्ति प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बीके मीना देवी ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा वर्ष 1987 से प्रत्येक वर्ष 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में प्रतिवर्ष लाखों लोग तंबाकू सेवन के कारण अपनी जान गंवा देते हैं। तंबाकू में 4000 से अधिक हानिकारक रसायन पाए जाते हैं, जिनमें 48 ऐसे तत्व हैं जो विभिन्न प्रकार के कैंसर का कारण बनते हैं। उन्होंने बताया कि धूम्रपान करने वालों के आसपास मौजूद लोग, विशेषकर महिलाएं और बच्चे, भी इसके धुएं से प्रभावित होकर गंभीर बीमारियों का शिकार हो जाते हैं।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. आनंद उपाध्याय ने ब्रह्माकुमारी संस्थान के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि व्यसन मुक्ति में मेडिटेशन अत्यंत प्रभावी माध्यम है। वहीं बृजभान भाई ने नशा छोड़ने के लिए दृढ़ संकल्प की आवश्यकता पर बल दिया। सरिता बहन ने राजयोग मेडिटेशन को नशा मुक्ति का प्रभावी साधन बताते हुए कहा कि आध्यात्मिक ज्ञान और नियमित ध्यान व्यक्ति को बुराइयों से दूर कर सकारात्मक जीवन की ओर प्रेरित करता है। राजकीय मेडिकल कॉलेज में नशा मुक्ति चित्र प्रदर्शनी और नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया। मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. प्रशांत निरंजन ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे जनजागरण कार्यक्रम आयोजित कराने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित ब्रह्माकुमारी संस्थान से बहन संतोषी, निधि, भरत, उदय, गोविंद, सुशील,ओम प्रकाश, कंचन बहन समेत काफी लोग उपस्थित रहे।