उरई। यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन ने जिला अध्यक्ष नृपेंद्र देव सिंह खरूसा के नेतृत्व में माधौगढ़
विधायक मूलचंद्र निरंजन के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। जिसमें बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा 16 जून को जारी उस आदेश पर रोक लगाने की मांग की गई है। और प्रदेश के कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों को मर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। यूटा जिलाध्यक्ष नृपेंद्र देव सिंह खरूसा ने कहा कि अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा छात्रों की संख्या 50 से कम होने पर विद्यालयों को हियरिंग की प्रक्रिया के बाद मर्ज किए जाने की व्यवस्था की गई है वह ग्रामीण अंचलों के नौनिहालों के भविष्य के साथ अन्याय है। यह निर्णय न केवल बच्चों की शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन है बल्कि शिक्षकों के हितों पर भी सीधा आघात है। संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि यह आदेश आरटीई एक्ट शिक्षा का अधिकार अधिनियम का उल्लंघन है। इस धारा में प्रावधान है। कि किसी भी बस्ती में एक किलोमीटर की परिधि और 300 की आवादी पर एक प्राथमिक विद्यालय होना आवश्यक है, जिससे 6 से 14 वर्ष के बच्चों को उनके स्थानीय क्षेत्र में ही शिक्षा मिल सके। ऐसे में शासनादेश के माध्यम से इस कानूनी व्यवस्था का अतिक्रमण नहीं किया जा सकता। ज्ञापन देने वालों में अशोक तिवारी जिला संयोजक जिला अध्यक्ष अटेवा अजय निरंजन विकास गुप्ता जिला कोषाध्यक्ष शैलेंद्र जिला संयुक्त मंत्री शैलेंद्र कुमार उमेश मिश्रा राकेश निरंजन लालजी निरंजन संजय कुमार निरंजन आदि शिक्षक रहे।
यूटा ने परिषदीय विद्यालयों के मर्ज पर जताई आपत्ति, विधायक को सौंपा ज्ञापन





