0-जालौन ब्लाक के हरदोई राजा और वीरपुरा ग्राम पंचायत का मामला
0-दोनो गांव मे वर्षा के बीच किया जिलाधिकारी ने टैक्टर से जाकर किया स्थलीय निरीक्षण
जालौन। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने ब्लाक क्षेत्र के ग्राम हरदोई राजा तथा वीर पुरा गांव में बर्षा के दौरान ट्रैक्टर से उक्त स्थानो तक जाकर कीचड़ में पैदल चलकर जलरोधक बांध का निरीक्षण किया। जिसमें कमी पाये जाने पर कड़ी फटकार लगाते हुये रिकवरी के आदेश भी दिये। जिलाधिकारी के इस प्रकार की सख्ती देखकर मनरेगा तथा जलरोधक बांधो में गड़बड़ी कर रुपये हड़पने बालों में खलबली मचना शुरु हो गया। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण, मिट्टी कटाव रोकथाम एवं स्थानीय जल संचयन को बढ़ावा देने हेतु बनाए जा रहे जल रोधक बांधों की गुणवत्ता पर जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने ब्लाक जालौन के ग्राम हरदोई राजा व बीरपुरा में हो रही वर्षा के बीच जलरोधक बांध के स्थल पर गांव से टैक्टर पर बैठ कर फिर वहां से पैदल कीचड़ में चलकर ग्राम पंचायत एवं क्षेत्र पंचायत द्वारा निर्मित बांधों का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने बारिश में कीचड़ भरे खेतों के बीच स्वयं पैदल चलकर निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति देखी, जो उनकी कार्यप्रणाली की संवेदनशीलता और सजगता को दर्शाता है। जिलाधिकारी के इस प्रकार के निरीक्षण से इन कार्यों में गोलमाल करने में हड़कंप मचा दिया। जिलाधिकारी ने निरीक्षण में पाया कि बांध निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं किया गया है। यह बांध वर्षा जल को निचले इलाकों में बहने से रोकने, मिट्टी के कटाव को कम करने एवं जल संचयन के लिए निर्मित किया गया था, किंतु इसकी गुणवत्ता संतोषजनक नहीं पाई गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए कार्य को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए साथ ही रिकवरी की कार्रवाई के निर्देश दिए और स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार के जल प्रबंधन व आपदा सुरक्षा मिशन में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने भविष्य में सभी निर्माण कार्यों को गुणवत्ता व पारदर्शिता के साथ संपन्न कराने के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, डीसी मनरेगा रामेन्द्र सिंह, खण्ड विकास अधिकारी प्रशांत आदि सिहित सम्बंधित अधिकारी मौजूद रहे।





