उरई जालौन। उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार 18 जून 2025 को न्यायिक अधिकारियों द्वारा जनपद जालौन के दो शेल्टर होम—राठ रोड स्थित “वृद्धाश्रम” तथा मोहल्ला लहरियापुरवा स्थित “आश्रय-गृह” का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण दल में अपर जिला जज प्रथम सतीश चंद्र द्विवेदी, प्रभारी सचिव/सिविल जज (सी.डी.) अर्पित सिंह, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिषेक खरे तथा लिपिक शुभम् शुक्ला शामिल रहे। राठ रोड, उरई स्थित वृद्धाश्रम का संचालन शिवा ग्रामोत्थान सेवा संस्था द्वारा किया जा रहा है, जिसमें निरीक्षण के समय 120 संवासी उपस्थित पाए गए। अधिकांश कर्मचारी भी उपस्थित थे। संवासियों ने बताया कि उन्हें निर्धारित मेन्यू के अनुसार समय पर भोजन एवं चाय-नाश्ता मिल रहा है। मेडिकल डिस्पेंसरी में आवश्यक दवाएं उपलब्ध थीं, हालांकि स्टाफ नर्स अनुपस्थित मिली, जिसकी जानकारी दी गई कि वह मेडिकल अस्पताल गई हुई हैं। किसी भी संवासी ने कोई विशेष शिकायत नहीं की। वहीं लहरियापुरवा स्थित आश्रय-गृह, जिसे लखनऊ के एक एनजीओ द्वारा नगर पालिका परिषद उरई के सहयोग से संचालित किया जा रहा है, वहां निरीक्षण के समय केवल चौकीदार उपस्थित था। आश्रय पंजिका में निरीक्षण तिथि में कोई भी आश्रित पंजीकृत नहीं मिला। यह गंभीर लापरवाही पाई गई, जिस पर संबंधित संस्था को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। मेडिकल डिस्पेंसरी में सामान्य दवाएं उपलब्ध थीं। निरीक्षण में अधिकारियों ने साफ-सफाई, सुरक्षा व अन्य बुनियादी व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की।
न्यायिक अधिकारियों द्वारा वृद्धाश्रम एवं आश्रय-गृह का औचक निरीक्षण





