- सुप्रसिद्ध रामलला मंदिर में दस दिन तक होंगे विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, गूंजेंगी वेदों की ऋचाएं
कोंच में स्वाधीनता आंदोलन के प्रमुख केंद्र रहे अति प्राचीन मंदिर और रानी लक्ष्मीबाई के गुरुद्वारे के तौर पर विख्यात ऐतिहासिक रामलला मंदिर में मंगलवार को भव्य कलशयात्रा के साथ श्रीराम महायज्ञ का श्रीगणेश हो गया है। दस दिन तक वहां विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपादित होंगे और वेदपाठी विद्वान ब्राह्मणों के मुखारविंद से संप्रेषित वेदों की ऋचाएं नित्य प्रति गूंजेंगी।
मंदिर के गद्दीधर महंत रघुनाथ दास के सानिध्य में मंगलवार से रामलला मंदिर में दस दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान प्रारंभ हो गए हैं। श्रीराम महायज्ञ के लिए बैंड-बाजों के साथ भव्य कलशयात्रा निकाली गई जिसमें नगर व क्षेत्र के सैकड़ों धर्मालुओं ने सहभागिता की। नगर भ्रमण करती हुई कलशयात्रा यज्ञ परिसर में समाप्त हुई जहां गणेश पंचांग पूजन मंडप प्रवेश व अग्नि स्थापना के कार्य संपादित हुए। इस दौरान विधायक मूलचंद्र निरंजन, पालिकाध्यक्ष प्रदीप गुप्ता, संतोष दुवे, दिनेश दुवे, अंकुश याज्ञिक, सभासद विनोद सोनी, अनिल वर्मा, दंगल यादव, माधव यादव, नंदकुमार तिवारी, निशांत यादव, अंकित यादव, रमेश चंद्र पटेरिया, यजमान संजीव सोनी, राकेश सोनी, राजकुमार सोनी, चंद्रप्रकाश रिछारिया, सौरभ गुप्ता, हरीश कुमार, अपूर्व याज्ञिक, विनय तिवारी, मुन्ना शिवहरे, शचींद्र मोहन बसेड़िया, जन्मेजय वैद्य, संजय सोनी, भीम याज्ञिक सहित तमाम महिला पुरुष श्रद्धालु रहे। इसके साथ ही श्रीमद्भागवत और श्री देवी भागवत का मूल पाठ एवं महामृत्युंजय जप प्रारंभ हुआ जो यज्ञाचार्य पं. दीपेंद्र तिवारी ललितपुर की देखरेख में नित्य प्रति चलेंगे। मंदिर के मुख्य पुजारी पं. गोविंददास इन अनुष्ठानों की विभिन्न व्यवस्थाओं में निमग्न हैं।




