कोंच। नदीगांव क्षेत्र के डांग खैराई में चकरोड की पैमाइश के नाम पर लेखपाल का एक किसान से रिश्वत लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। उक्त मामले में संज्ञान लेकर एसडीएम ज्योति सिंह ने पूरे मामले की जांच तहसीलदार गौरव कुमार को सौंपी थी। गुरुवार को तहसीलदार द्वारा जांच रिपोर्ट एसडीएम को सौंपे जाने के बाद एसडीएम ने लेखपाल नरेंद्र झा को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। एसडीएम ने बताया कि प्रारंभिक जांच में लेखपाल की भूमिका संदिग्ध पाई गई है जिसके आधार पर लेखपाल को निलंबित किया गया है। पूरे मामले की विस्तृत जांच के उपरांत विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- गौरतलब है कि नदीगांव क्षेत्र के डांग खैराई में चकरोड की पैमाइश करने के नाम पर किसान बुद्ध सिंह से बतौर रिश्वत एक लाख रुपये लेने वाले लेखपाल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। वीडियो वायरल होने के बाद महकमे में हड़कंप मच गया था। गांव के किसान की कृषि भूमि पर जाने के लिए आधी दूर तक सरकारी चकरोड है जबकि बाकी पर दबंगों का कब्जा है। किसान बुद्ध सिंह के मुताबिक उन्होंने लेखपाल से पैमाइश करने को कहा तो लेखपाल नरेंद्र झा ने उससे एक लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। जिसके चलते किसान ने लेखपाल को 70 हजार रुपए दे दिए थे, जबकि शेष 30 हजार रुपए और देने के बाद ही लेखपाल ने चकरोड पैमाइश करने की बात कही थी। इसी को लेकर किसान और लेखपाल के बीच मनमुटाव हो गया था। किसान ने जब लेखपाल को 70 हजार रुपये रिश्वत दी थी तो गोपनीय तरीके से इसका वीडियो बना लिया गया था। लेखपाल ने पैमाइश किसान के पक्ष में नहीं की तो मंगलवार को किसान के परिवार के सदस्य ने वीडियो को वायरल कर दिया था। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में रुपये दे रहे किसान और लेखपाल का चेहरा साफ दिखाई दे रहा था। वीडियो वायरल होने पर महकमे में हड़कंप मच गया था। इस मामले की जांच एसडीएम ज्योति सिंह ने तहसीदार गौरव कुमार को सौंपी थी।





