अधिकारियों को उनकी सुरक्षा की भी जिम्मेदारी दी गई
पौधों को नुकसान पहुंचा तो होगी रिकवरी
बिजली विभाग पर्यावरण को हरा भरा रखने के लिए चौदह हजार सात सो पौधों को रोपेगा। जो अधिकारी जितने पौधे लगाएगा उनकी सुरक्षा करने की जिम्मेदारी भी उन्हीं की रहेगी। अगर पौधे नष्ट हुए तो संबंधित अधिकारी से रिकवरी जी जाएगी। बरसात के मौसम में सभी प्रमुख विभागों को पौधरोपण करने के शासन ने निर्देश दिए अधिक से अधिक पौधे लगाए जाए।इसको लेकर अधिकारी अपने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ बैठक करके जगह और पौधों की संख्या निश्चित कर चुके। शासन ने निर्देश दिए कि जो पौधे रोपे जाएं उनका रखरखाव भी किया जाए ताकि वह बचे रहे। बिजली विभाग 14700 पौधों को रोपेगा। इसके लिए विभाग ने रूपरेखा तैयार कर ली है। विभाग में कितने अधिकारी पौधों को रोपेगे इसका भी निर्धारण हो गया। सभी अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए।अधिशासी अभियंता जितेंद्र नाथ ने बताया कि सभी अधीनस्थ अधिकारी और कर्मचारियों को इस बात को लेकर निर्देशित कर दिया गया है कि वह निर्धारित समय के अंदर ही पौधों को रोपे। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि जिन पौधों को आप लगा रहे हैं उनकी सुरक्षा की भी पूरी जिम्मेदारी की जाए ताकि पौध सुरक्षित रहें। अगर कहीं यह जांच में पाया गया कि जो पौधे रोपे गए हैं उनको नुकसान पहुंचा है तो संबंधित अधिकारियों से उतना पैसा वसूल किया जाएगा जितना पौधा रोपने में लगा है। अधिशासी अभियंता ने बताया कि पौधरोपण के बाद उन स्थानों का निरीक्षण किया जाएगा जहां पर पौधे रोपे गए। शासन की मनसा अनुसार अगर पौधे नहीं रोपे जाएंगे तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को हरा भरा रखने की जिम्मेदारी सभी की है। जो लोग पौधे रोप रहे हैं उनकी जिम्मेदारी तो है ही साथ ही उनकी रखवाली जिम्मेदारी सभी की बनती है, जो जिस पद पर है वह अपनी जिम्मेदारी का निर्वाह करते हुए पौधों को अवश्य लगाए।पर्यावरण को संतुलित करने के लिए पौधो को लगाना बहुत जरूरी है। पौधे हमारे जीवन के अभिन्न अंग है। इन्हें नुकसान ना पहुंचाएं अधिक से अधिक संख्या में लगाए।





